उझानी। परिवार में कहासुनी के बाद युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। आग की लपटों से घिरे युवक को चाचा ने बचाने की कोशिश की तो उनके भी हाथ और शरीर का काफी हिस्सा झुलस गया। परिवार के लोगों और पड़ोसियों ने झुलसे चाचा- भतीजे को प्राथमिक उपचार के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
घटना कादरचौक क्षेत्र के गांव बमनौसी की है। बमनौसी निवासी शिव सिंह (55) पुत्र गोविंद दिल्ली में काम करते हैं। वह पिछले दिनों घर लौटे थे। लौटते में वह बेटी को साथ ले जाने की जिद करने लगे। भतीजे विनोद (25) पुत्र नेमसिंह ने शिव सिंह से कह दिया कि वह बेटी को साथ नहीं ले जाएंगे। इसी बात पर कहासुनी के बाद विनोद घर से बाहर चले गए। कुछ देर बाद घर लौटे तो उसके हाथ में पेट्रोल से भरी एक बोतल थी।
परिवार वाले कुछ समझ पाते उससे पहले ही उन्होंने खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया और माचिस जलाकर आग लगा ली। यह देख शिव सिंह समेत परिवार के लोगों के हाथ-पैर फूल गए। चीख- पुकार के बीच शिव सिंह ने विनोद पर कंबल डालकर आग बुझाने की कोशिश की। इस दौरान विनोद के अलावा वह भी झुलस गए।
विनोद के दोनों हाथ-पैर और पीठ तो शिव सिंह के हाथ झुलसे हैं। परिजनों में रीना ने बताया कि उनके पति विनोद ने शाम को कह दिया था कि चाचा अकेले ही दिल्ली चले जाएं, लेकिन वह जिद पर अड़ गए। परिजन विनोद और शिव सिंह को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। चिकित्साधिकारी डॉ. आकांक्षानिधि ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
आग लगाकर की कमरे में कैद होने की कोशिश
विनोद कुमार ने जब खुद को आग लगा ली तो शरीर में तेजी से लपट उठी। चश्मदीद पत्नी रीना ने बताया कि इसके बाद वह कमरे में घुस गए। उन्होंने किबाड़ें बंद कर खुद को कैद कर लेने की कोशिश की। यह तो गनीमत रही कि शिव सिंह और परिवार के अन्य लोग मौके पर मौजूद थे। उन्होंने किबाड़ें बंद नहीं होने दीं। अगर विनोद खुद को कमरे में कैद कर लेते तो उन्हें बचाना मुश्किल हो जाता।
विनोद कुमार।
विनोद कुमार।