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Budaun News: रात आठ बजे के बाद डग्गामार 30 के बजाय वसूल रहे 200 रुपये किराया

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रोडवेज बस स्टैंड पर खड़ी बसें। संवाद
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बदायूं। शहर से लोकल रूट व चंदौसी-मुरादाबाद के लिए रात आठ बजे के बाद बदायूं डिपो की कोई रोडवेज बस नहीं है। कई-कई घंटे इंतजार के बाद कोई डग्गामार वाहन मिल पाता है, जिसमें लदकर लोग अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। इस दौरान यात्रियों को 30 रुपये के बजाय सौ से दो सौ रुपये तक डग्गामारों को किराया देना पड़ रहा है।
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रात आठ बजे दिल्ली जाने वाली बस बदायूं डिपो की आखिरी बस है। आठ बजे रोडवेज बस चंदौसी होते हुए दिल्ली जाती है। जो लोग इस बस से चंदौसी या मुरादाबाद को निकल जाते हैं वह तो समय से अपने घर पहुंच जाते हैं। इसके बाद यहां से रोडवेज की कोई बस नहीं। हालांकि मुरादाबाद डिपो की बस आती है, लेकिन वह कब आएगी, इसका किसी को कुछ पता नहीं होता।

इस मार्ग पर दिन में डग्गामार वाहन भी चलते हैं। शाम छह बजे के बाद डग्गामार वाहन भी बंद हो जाते हैं। ऐसे में यात्रियों के आगे और ज्यादा संकट आ जाता है। ऐसे में यात्री रोडवेज से नवादा तक 20 रुपये खर्च करके ऑटो से नवादा पुलिस चौकी तक जाते हैं। इसके बाद वहां घंटों खड़े होकर प्राइवेट वाहन का इंतजार करते हैं। इको, डीसीएम, टैंकर जो कोई भी वाहन मिल जाए, उसी में बैठकर यात्रा पूरी करते हैं।
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इसके लिए उनसे सौ से दौ सौ रुपये किराए के नाम पर वसूल किए जाते हैं। टेंपो चालक तो बिसौली जाने के लिए पांच सौ रुपये तक की मांग करते हैं। मजबूरी में लोगों को अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। अगर नौ बजे एक रोडवेज बस बिसौली तक ही लग जाए तो लोगों की समस्या का समाधान हो सके। बीच में रोडवेज की बस को लगाया भी गया लेकिन कुछ ही दिन के बाद इसको बंद कर दिया गया। यहां इस रूट पर रात नौ बजे हर रोज रोडवेज बस बिसौली तक जाने की लोगों ने मांग की है।


यात्रियों ने बताई अपनी-अपनी परेशानी

आठ बजे बस निकल गई। अब बस का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अब काेई बस नहीं है। रोडवेज से 20 रुपये खर्च कर नवादा चौराहे तक आए हैं। यहां से किसी डग्गामार वाहन से घर तक जाएंगे।-रामप्रकाश, बिसौली


टेंपो चालक बिसौली जाने के बुकिंग पर ले जाने को तैयार हैं। किराए के नाम पर चार से पएंच रुपये मांग रहे हैं। अगर सवारियां चार-पांच हो जाती है तभी जाएंगे नहीं किराया बहुत पड़ेगा।-चंद्रपाल, जखौरा



रोडवेज की बस नौ चलाई गई लेकिन इतनी सवारी नहीं मिलती हैं जिससे रोड फेक्टर पूरा किया जा सके। अगर सवारियां मिलती हैं तो बस को संचालित करा दिया जाएगा। -अजय कुमार, एआरएम बदायूं
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