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कछला घाट में नहाते समय तीन किशोरियां नदी में बहीं, बमुश्किल गोताखोरों ने बचाया

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उझानी (बदायूं)। कछला घाट पर रविवार दोपहर नहाते समय तीन किशोरियां गंगा में डूब गईं। गनीमत यह रही कि उस वक्त मौके पर गोताखोर मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को सकुशल बचा लिया। तीनों लड़कियां परिवार के साथ गंगा नहाने कछला गंगाघाट गई थीं।
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यह हादसा उझानी इलाके में कछला गंगाघाट पर बरेली-मथुरा हाईवे पर बने पुल के पास रविवार दोपहर करीब एक बजे हुआ। कछला घाट पर हर रविवार को श्रद्धालु गंगा स्नान करने पहुंचते हैं। पहाड़ों पर बारिश होने से आजकल गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। रविवार को बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव परौली निवासी चार-पांच परिवार निजी वाहनों से कछला घाट गंगा स्नान करने पहुंचे। वहां पहुंचकर उनमें कुछ लोग नौका विहार करने लगे। बाकी लोग गंगा में जाकर स्नान करने लगे। इलमें तील लड़कियां बरेली-मथुरा हाईवे पर बने पुल के तीसरे पिलर के निकट नहा रही थीं, जो गहरे पानी में चले जाने से अचानक डूबने लगीं। इनमें दिव्यांशी (17) पुत्र दिलीप, सलोनी (15) पुत्री अनिल कुमार और रेशू (16) पुत्री सुधीर हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नहाते समय तीनों एक-दूसरे के हाथ पकड़े थीं। उन्होंने बचने की कोशिश की, लेकिन पानी की धार तेज होने से बहने लगीं। उनकी चीख सुनकर गंगा किनारे मौजूद परिजन शोर मचाने लगे। उन्हें डूबते देख मौके पर मौजूद नाविक संजय कश्यप ने बगैर कुछ सोचे गंगा में छलांग लगा दी और रेशू को पकड़कर बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी। तभी उसकी मदद के लिए दो-तीन अन्य गोताखोर मदद के लिए गंगा में कूद गए फिर कड़ी मशक्कत के बाद तीनों लड़कियों को बाहर निकाल लिय। तीनों लड़कियों को सुरक्षित देख उनके परिजन ने राहत महसूस की। परिजन ने नाविक संय और दोनों के परिजन ने नाविक व गोताखोरों को धन्यवाद दिया।
लोगों ने बताया कि इस हादसे से कुछ देर पहले ही डीएम और सीडीओ समेत अफसर गंगाघाट का निरीक्षण करके लौटे थे। अफसरों के निरीक्षण करने की वजह से मौके पर गोताखोर पहले से मुस्तैद थे।
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मददगार नाविक का पर्स गायब
किशोरियों को डूबने से बचाने में मदद करने वाले नाविक संजय कश्यप हादसे के समय घाट पर ही थे। उनकी पेंट की जेब में पर्स ीखा था, जिसमें 18 सौ रुपये थे। वह किशोरियों को बचाकर नाव पर लौटा तो हाथ जेब की ओर गया तो पर्स गायब था। संजय ने आसपास के लोगों से भी पर्स के बारे में जानकारी की, लेकिन उसका पता नहीं लग पाया।
तीनों किशोरियों को बचाने में गोताखोरों ने सराहनीय कार्य किया है। वैसे, घाट पर मौजूद दुकानदार श्रद्घालुओं को गहरे में जाकर स्नान नहीं करने की सलाह देते रहते हैं लेकिन लोग नहीं मानते। खासकर पुल के पिलरों के आसपास तो नाविक भी खड़े रहते हैं ।-
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विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक।
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