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एक परिवार के पांच सदस्य फूड प्वॉइजनिंग के शिकार, जिला अस्पताल में भर्ती

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बदायूं। करीब डेढ़ महीने पहले उघैती के दियोरी अमृत में हुई फूड फूड प्वॉइजनिंग की घटना को लोग भुला भी नहीं पाए कि रविवार को मुजरिया क्षेत्र के ग्राम पालपुर में एक परिवार के पांच सदस्यों को फूड प्वॉइजन हो गया। हालात बिगड़ने पर पांचों लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें फूड प्वॉइजन होने की वजह क्या रही यह न तो पीड़ित बता पा रहे हैं और न ही इलाज करने वाले डॉक्टर। फिलहाल सबको पांचों के ठीक होने का इंतजार है।
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पालपुर निवासी मुनीम (55) पुत्र ख्यालीराम गांव में दूध की डेयरी चलाते हैं। शनिवार शाम उनके घर में मेथी का साग-आलू बने थे। खाना मुनीम की पत्नी भगवती देवी (50) ने बनाया था। रात में करीब आठ बजे मुनीम, उनकी पत्नी भगवती, बेटी सुनीता (22), नन्हीं (16) और नीतू (13) ने साथ बैठकर खाना खाया। इसके बाद सभी ने दूध पिया था।उसके बाद सभी लोग सो गए। रविवार सुबह दंपती और उनके तीनों बच्चों की तबियत बिगड़ गई। उन्हें उल्टी-दस्त शुरू हो गए। चक्कर भी आ रहे थे। इसका पता लगने पर आसपास के लोग जमा हो गए। इसके बाद पांचों लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसवान ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने हालत खराब देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां सभी को भर्ती कर लिया गया। उनकी तबीयत कैसे बिगड़ी इसका पता नहीं चला है। आशंका जताई जा रही है कि दूध में कुछ गिर गया होगा।
दियोरी अमृत गांव में फूड प्वॉइजन से बीमार हुए थे साढ़े छह सौ लोग
उघैती थाना क्षेत्र के ग्राम दियोरी अमृत में करीब डेढ़ माह पूर्व दावत खाने के बाद करीब साढ़े छह सौ लोगों को फूड प्वॉजन होने से हालत बिगड़ी थी। इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को गांव के प्राथमिक विद्यालय में अस्थाई अस्पताल बनाना पड़ा था। कई दिन तक इलाज चलने के बाद लोगों की जान बची थी। इस घटना को लोग भुला नहीं पा रहे हैं।
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पांचों सदस्य एक ही परिवार के सदस्य हैं। उन सभी को उल्टी-दस्त हुए। उन्होंने कुछ ऐसा जरूर खाया होगा, जिससे तबीयत बिगड़ी थी। क्या खाया, यह तो वही लोग जानें। फिलहाल उनकी हालत में कुछ सुधार है।
डॉ. जीके गुप्ता, ईएमओ जिला अस्पताल
यह घर का मैटर है। उन्होंने अपने घर का दूध पिया और मेथी का साग खाया है। फूड इंस्पेक्टर अस्पताल गए थे। उन्होंने परिवार वालों के बयान लिए हैं। उनकी जांच रिपोर्ट में जो भी सामने आएगा। तभी कुछ बता सकते हैं।
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चंद्रशेखर शर्मा, अभिहित अधिकारी
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