उसहैत। गांव जटा, प्रेमी नगला, ठकुरी नगला में पानी घरों में घुस गया है। जटा गांव की आबादी करीब 15 सौ की है। हर वर्ष गंगा का जलस्तर बढ़ने से यहां बाढ़ जैसे हालात होते हैं। इस वर्ष स्थिति काफी खराब है। गांव के चारों ओर पानी भरा हुआ है। प्रशासन ने लोगों से ऊंचे स्थान पर रहने की हिदायत दी है लेकिन लोग अभी भी गांव में ही हैं। जानवरों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।
एक बार मिला राशन
- शासन की ओर से गांव में एक बार राशन का वितरण किया गया है। उसमें आटा, तेल, चीनी, नमक, माचिस आदि है। उसी से गुजर बसर किया जा रहा है। जानवरों को ऊंचे स्थानों पर छोड़ दिया है। वहां घास चरकर वह अपना पेट जानवर भर रहे हैं। - शीला, जटा
परिवार में 10 लोग
बाढ़ के चलते घर में पानी भर गया है। राशन और जानवरों का चारा भूसा आदि बर्बाद हो चुका है, जिससे जानवरों का पेट नहीं भर पा रहा है। तीन भैंस हैं जो इधर-उधर घास चर रहीं हैं। सरकार को हमें राशन और जानवरों को भूसे आदि की व्यवस्था करनी चाहिए। परिवार में 10 लोग हैं। जो राशन मिला है वह तीन दिन ही चल सका है। - अकीला बेगम, जटा
कछला के वार्ड तीन में भी घुसा बाढ़ का पानी
- गंगा नदी में बढ़े जल स्तर से अब कछला के वार्ड तीन में पानी घुस गया है। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर जल स्तर इसी तरह से बढ़ता रहा तो यहां के लोगों को और भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
गांव प्रेमी नगला में बाढ़ का पानी। संवाद
गांव प्रेमी नगला में बाढ़ का पानी। संवाद
गांव प्रेमी नगला में बाढ़ का पानी। संवाद
गांव प्रेमी नगला में बाढ़ का पानी। संवाद