कोर्ट द्वारा एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सजायाफ्ता सहायक शिक्षक पद पर समायोजित हुए एक शिक्षामित्र की सेवाएं सोमवार को समाप्त कर दी गई। खंड शिक्षा अधिकारी की आख्या के बाद बीएसए ने शिक्षक की सेवाएं समाप्त कर दी।
हाल ही में एक अगस्त हो प्रथम बैच के शिक्षामित्रों को नियमित करने की कार्रवाई की गई थी। इसमें जिले के 1,119 शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाया गया था। उनके दस्तावेज सत्यापन के बाद वेतन भी लगाने की कार्रवाई जारी थी। विभागीय लोगों के अनुसार म्याऊ के करौरी सैदपुर में तैनात नियमित हुए शिक्षामित्र के खिलाफ एक मामले को लेकर कोर्ट में वाद दायर था। जिसे दोषी ठहराते हुए सजा भी हो गई। बीईओ म्याऊ प्रवीन शुक्ला ने बताया कि संबंधित सहायक अध्यापक रामेंद्रपाल सिंह के खिलाफ तहसील दिवस में शिकायत आई थी। इस पर जांच कराई गई तो नियमित हुआ शिक्षामित्र सजायाफ्ता पाया गया। लिहाजा इसकी आख्या बनाकर बीएसए कृपा शंकर वर्मा को दे दी गई। इस पर कार्रवाई करते हुए सोमवार को रामेंद्र पाल सिंह की सेवाएं समाप्त कर दी गई। बीएसए कृपा शंकर वर्मा ने बताया कि संबंधित शिक्षक की आख्या उपरांत सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।