वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेट-1 आरपी कौशिक ने यहां औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जहां वाणिज्य कर अधिकारियों से बात की, वहीं कार्यशैली के बारे में जानकारी ली। विभागीय अधिकारियों ने टैक्स के कई महत्वपूर्ण मामलों का जिक्र तक नहीं किया। बाकी कंप्यूटरीकरण और टैक्स वसूली के मामले में उन्हेें उलझा दिया गया।
दरअसल, सहारनपुर से हाल ही में स्थानांतरण पर आए एडिशनल कमिश्नर कौशिक का बदायूं पहला दौरा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो बदायूं में टैक्स और फर्मों को लेकर कई मामले विवादों से घिरे चल रहे हैं। इसमें विभाग की भूमिका भी कई जगह संदिग्ध है। मंडी और विभाग का सामंजस्य न होने से टैक्स चोरी के मामले भी हैं। इन सब पर एडिशनल कमिश्नर के साथ कोई चर्चा नहीं हुई।
एडिशनल कमिश्नर कौशिक यहां डिप्टी कमिश्नर राजकुमार गर्ग और एसके अग्रवाल से मिले। विवादित बिंदुओं पर कोई चर्चा नहीं हुई। डिप्टी कमिश्नर अग्रवाल का कहना है कि एडिशनल कमिश्नर ने निरीक्षण में कोई खास जानकारी नहीं ली। उनके साथ चर्चाओं में टैक्स वसूली और कंप्यूटराइजेशन पर चर्चा हुई। कंप्यूटराइजेशन का काम ऊपर लेबल से हो रहा है। यहां टैक्स वसूली में गत वित्तीय वर्ष में उनका विभाग लक्ष्य का 96 प्रतिशत प्राप्ति कर चुका है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष का टैक्स वसूली का 61.90 करोड़ का लक्ष्य था।