गांव बक्सर बडेरिया निवासी पूर्व सैनिक रमेश सिंह कोतवाली पहुंचे और दरोगा एके सिंह को पूरे घटनाक्रम से जुड़े तमाम उन बिंदुओं पर जानकारी दी जो सवाल बनकर लोगों के जेहन में घर कर गए हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन वह घर पर जरुर थे। लेकिन वह रजनेेश और छात्रा को छोड़कर पुत्रवधू के साथ डॉक्टर के पास गया थे। लौटे तो घर में छात्रा झुलसी हालत में मिली। उन्होंने बताया कि छात्रा अपने मुंहबोले भाई आसाराम के साथ उनके घर रजनेश से मिलने आती थी। रजनेश और छात्रा के बीच प्रेम प्रसंग की बात उन्हें पता थी। मामला इतने नाजुक मोड़ तक पहुंच जाएगा। इसका आभास अहसास नहीं हो पाया था।
आसाराम की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि रजनेश और छात्रा की असलियत तो आसाराम को ही पता थी। आसाराम ने तो छात्रा के घरवालों को भी गुमराह किया। वह चाहता तो घटना भी नहीं होती। दरोगा ने रमेश से काफी देर तक जानकारी हासिल की। बता दें कि सोमवार को अहीरटोला मोहल्ले में रजनेश ने बीए की छात्रा को अपने घर बुलाकर एसिड अटैक कर दिया था। घटना के तुरंत बाद ही उसने सल्फास खाकर मौत को गले लगा लिया था। पीड़ित छात्रा का बरेली के अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी सुरक्षा में महिला दरोगा समेत पुलिस कर्मी तैनात हैं।