न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश षष्टम एसएन त्रिपाठी ने कत्ल के मामले में आरोपी राजू पुत्र ताराचंद्र मौर्य को उम्रकैद सहित चालीस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि में से मृतक की पत्नी को 70 फीसदी रकम बतौर मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
घटना थाना वजीरगंज क्षेत्र की है। वादी धीरजपाल सिंह पुत्र रक्षपाल सिंह निवासी सिंगथरा थाना वजीरगंज ने 31 अक्तूबर 2011 को एक लिखित तहरीर दी। जब वह अपने खेत पर समय करीब 12 बजे गया, तो उसने देखा की उसके खेत में एक अज्ञात लाश पड़ी है, जिसके शरीर पर गोलियों के निशान है। लाश की पहचान नहीं हो पा रही है। बीती रात इस अज्ञात व्यक्ति को किसी ने गोली मार कर हत्या कर दी है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर अज्ञात लाश का पोस्टमार्टम कराकर दो नवंबर 2011 को अज्ञात लाश की सूचना समाचार पत्रों में दी। जिसके जरिए मृतक के भाई जमील अहमद ने थाने पर जाकर पैंट व चप्पलों से पहचान भाई फिरोज के रूप में की थी। विचारण के दौरान मृतक फिरोज के भाई जमील अहमद ने कहा कि उसके भाई फिरोज को 30 अक्तूबर 2011 को अभियुक्त राजू व अन्य सुबह दस बजे घर से बुलाकर ले गए। फिरोज ने उधार के पैसे वापस मांगे तो फिरोज के न तो पैसे लौटाए और न ही उसको जमीन मकान पर कब्जा दिया।
अभियुक्तों ने उसके भाई को घर से ले जाकर गोली मारकर हत्या कर दी। बता दें इस मामले में अभियुक्त राजू के अलावा अभियुक्तगण नेमपाल, छत्रपाल व अनिल को 13 अगस्त 2013 को सजा हो चुकी है। जज श्री त्रिपाठी ने अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी रामेश्वरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद आरोपी राजू पुत्र ताराचंद्र मौर्य निवासी मोहल्ला बद्री प्रसाद कॉलोनी बिसौली को दोषी मानते हुए उम्रकैद सहित चालीस हजार रुपये का जुर्माना ठोका।