बदायूं। मुजरिया थाना क्षेत्र के नैथुआ गांव में पेट्रोल डालकर पत्नी को जिंदा जलाने का आरोपी पति शनिवार रात पकड़ लिया गया। वह हत्या करके खेतों में जाकर छुप गया था। उसके पास न मोबाइल था और न ही रुपये ही थे। घर पर शरण भी किसी ने नहीं दी। पुलिस को भनक लग गई तो शनिवार रात साढ़े नौ बजे उसको गिरफ्तार कर लिया गया। उसे अदालत में रविवार दोपहर पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे जेल भेज दिया।
पत्नी को जिंदा जलाने की घटना बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे की है। नैथुआ निवासी शन्नो अपने घर में खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। तभी उसका पति मुनीश सक्सेना शराब पीकर घर आया। उसने शन्नो से और शराब पीने के लिए रुपये मांगे, लेकिन शन्नो ने रुपये देने से इनकार कर दिया।
इससे गुस्साए मुनीश ने बाइक से पेट्रोल निकालकर पत्नी के ऊपर उड़ेल दिया और माचिस से आग लगा दी। इससे शन्नो की कुछ ही देर में मौत हो गई थी। उसे बचाने की कोशिश में सास मुन्नी देवी गंभीर रूप से झुलस गईं थीं। उनका अभी जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है, लेकिन आरोपी मुनीश मौके से भाग गया। उसकी तलाश को तीन टीमें बनाई गईं थीं।
एक टीम में शामिल मुजरिया एसओ आरती कौशिक बाराबंकी तक घूम आईं, लेकिन आरोपी वहां नहीं पहुंचा था। बताते हैं कि उसे किसी ने शरण भी नहीं दी। न ही उसके पास रुपये थे, जिससे वह कहीं बैठकर खाना खा सके। पुलिस के मुताबिक- आरोपी के पास मोबाइल भी नहीं था। इससे उसे पकड़ने में दिक्कत आ रही थी। बृहस्पतिवार रात से लेकर शनिवार रात तक वह ऐसे ही खेतों में घूमता रहा। शनिवार रात करीब 9:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मुनीश मुजरिया और सहसवान सीमा क्षेत्र में छिपा हुआ है। इससे पुलिस ने घेराबंदी करते हुए उसे दबोच लिया। रात में ही उसे थाने लाया गया।
चेहरे पर नहीं था पछतावा, थाने में बैठा हंस रहा था आरोपी
आरोपी मुनीश के चेहरे पर पत्नी की हत्या करने का कोई पछतावा नहीं था। रविवार सुबह जब पुलिस कर्मी उससे पूछताछ कर रहे थे। तब वह हंस रहा था और अपने आपको निर्दोष बता रहा था। हालांकि परिवार वाले पुलिस को पहले ही वारदात की हकीकत बयां कर चुके हैं। उसके बच्चे भी चश्मदीद हैं। मुनीश की मां ने भी उसे दोषी करार दिया है।
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परिवार वाले बोले- हत्यारे मुनीश को मिले फांसी
रविवार सुबह मुनीश के परिवार वाले भी मुजरिया थाने पहुंचे। उनमें मुनीश का बेटा शिवम, बहन प्रियंका और ससुर समेत कई लोग शामिल थे। शिवम ने बताया कि जब उसके पिता ने पेट्रोल डालकर आग लगाई थी तब वह ट्रैक्टर पर मजदूरी करने गया था। उसका पिता मुनीश शराब के नशे में था। वह अक्सर परिवार वालों के साथ मारपीट करता था। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। बहन प्रियंका ने बताया कि शन्नो उसकी ननद थी। वह मुनीश के उत्पीड़न से परेशान थी। कई बार थाने में शिकायत कर चुके थे, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे व्यक्ति से उनका कोई रिश्ता नहीं है। उसको तो फांसी की सजा होनी चाहिए।
पत्नी का हत्या का आरोपी मुनीश जेल भेज दिया गया है। अब उसके खिलाफ जल्द से जल्द चार्जशीट लगाने की तैयारी है। - कर्मवीर सिंह, सीओ सहसवान