बदायूं। विद्युत उपकेंद्र के गांव सिगोई में सरकारी ट्रांसफॉर्मर से निजी नलकूपों को बिजली देने के मामले की जांच में प्रथम दृष्टया दोषी मिले जेई चिरौंजी लाल ने अभी तक चार्ज नहीं छोड़ा है, जबकि जेई को कुंवरगांव से हटाकर बिल्सी डिवीजन कार्यालय से संबद्ध किया जा चुका है। भाकियू असली जिलाध्यक्ष केपीएस राठौर ने आरोप लगाया कि वह कुंवरगांव उपकेंद्र पर बैठकर काम कर रहे हैं। यह विभागीय आदेशों की अवहेलना है।
संगठन ने सिगोई निवासी एक चर्चित संविदा कर्मचारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि निजी नलकूपों को बिजली दिलाने में उसकी भी भूमिका रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाकियू ने उसकी भी जांच की मांग की है। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि जेई को तत्काल कुंवरगांव उपकेंद्र से हटाया जाए और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। कार्रवाई में लापरवाही हुई तो कांवड़ यात्रा के बाद आंदोलन किया जाएगा।
जांच में दोषी मिलने पर जेई को बिल्सी डिवीजन से संबद्ध कर दिया था। चार्ज न छोड़ने पर अधिशासी अभियंता को रिलीव करने का आदेश जारी किया है। जेई को आरोप पत्र दिया जा चुका है। जेई के पक्ष सुनने के बाद विभागीय कार्रवाई होगी। - अजय कुमार, अधीक्षण अभियंता