आसफपुर (बदायूं)। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव जैतपुर में सोमवार को 70 वर्षीय बिहारीलाल मौर्य की कुएं में दबकर मौत हो गई। वह ईंटें निकालने के लिए घुसे थे कि तभी अचानक उनके ऊपर मिट्टी की ढांग गिर गई। उन्हें निकालने के लिए दो जेसीबी से खोदाई कराई गई। करीब साढ़े पांच घंटे तक बचाव अभियान चला, तब कहीं बुजुर्ग के शव को बाहर निकाला जा सका।
ग्राम जैतपुर निवासी बिहारी लाल मौर्य खेतीबाड़ी करतेे थे। बताते हैं कि उनके खेत में बहुत पुराना कु आं था। कभी इंजन लगाकर उससे फसलों की सिंचाई भी की जाती थी लेकिन वह कई साल से बंद था। बिहारीलाल ने अपने खेत में सबमर्सिबल लगाने की तैयारी कर ली थी। परिवार व ग्रामीणों के मुताबिक बिहारी लाल कई दिन से अपने तीनों बेटों को कह रहे थे कि वह कुएं से जाकर ईंटें निकाल लें लेकिन बेटे इसके लिए खतरा बताकर तैयार नहीं हो रहे थे।
रविवार दोपहर 12 बजे बिहारीलाल अपने बेटों को लेकर खेत पर पहुंच गए और खुद कुएं में घुसने लगे। उनके बेटे केदारी और मुन्नालाल ने उन्हें ऐसा करने से मना किया लेकिन वह नहीं माने। इससे दोनों बेटे नाराज होकर घर चले गए। उनका छोटा बेटा सत्यपाल मौके पर रह गया। बुजुर्ग रस्सी के सहारे कुएं में घुस गए। परिवारवालों के मुताबिक वह ईंटें निकाल नहीं पाए थे कि तभी अचानक मिट्टी की ढांग ईंटों सहित उनके ऊपर गिर गई। इससे बुजुर्ग करीब 20 फुट गहराई में दब गए। यह देखकर छोटे बेटे ने परिवारवालों और ग्रामीणों को सूचना दी। इससे तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। तुरंत पुलिस को बताया गया।
फैजगंज बेहटा एसओ सुरेश चंद्र गौतम और तहसीलदार अशोक कुमार सैनी भी मौके पर आ गए। आनन-फानन में दो जेसीबी बुलाकर खोदाई शुरू करा दी। शाम करीब साढ़े पांच बजे तक खोदाई का काम चला। तब कहीं बुजुर्ग को बाहर निकाला जा सका। परिवार वाले तुरंत उन्हें स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने पंचायतनामा भरकर बुजुर्ग के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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जो ठान लेते थे वह करके छोड़ते थे
परिवार वालों के मुताबिक बिहारीलाल जिस कार्य को ठान लेते थे उसे पूरा करके छोड़ते थे। वह कई दिन से यह बता रहे थे कि कुएं की ईंटें उनके काम आ जाएंगी। बेटे इसके लिए तैयार नहीं थे। बेटों के नाराज होने के बावजूद वह कुएं में घुस गए।
जैतपुर गांव में पुराने कुएं से बुजुर्ग को निकालने के लिए की गई खोदाई। संवाद- फोटो : BADAUN