सर्व शिक्षा अभियान के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में है। लगातार गैरहाजिरी के चलते बीएसए ने उनसे तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा है। उन पर और भी कई गंभीर आरोप हैं।
विभागीय जानकारों की मानें तो सर्व शिक्षा अभियान के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी 13 दिसंबर से लगातार गैरहाजिर थे। उन पर कई और भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। गैरहाजिरी के चलते बीएसए ने तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। पत्र में उनकी निर्णय क्षमता, कार्यकुशलता पर भी सवाल उठाया गया है। विभागीय वित्तीय अनियमितता का भी आरोप है। यह मामला किसी कुटेशन को लेकर है। बताते हैं कि इसमें गलत तरीके से हस्ताक्षर कर कुटेशन जारी कर दिया गया। आरोप है कि पहले तो सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी ने इस पर साइन कर दिए। बाद में खुद ही इसे गलत बताते हुए इसमें अपनी भूमिका होने से इंकार कर दिया। इस संबंध में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी जगदीश सिंह का कहना है कि उनसे बेवजह जवाब मांगा जा रहा है। उनकी तरफ किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं की गई है। सभी आरोप निराधार हैं।
निवर्तमान सहायक लेखाधिकारी पर भी लगे थे आरोप
निवर्तमान सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी पर भी कई गंभीर आरोप लगे थे। उन पर एक फर्म स्वामी ने कमीशन मांगने का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर उनका तबादला कर दिया।
सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी जगदीश सिंह से गैरहाजिरी के चलते स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन पर और भी कई आरोप हैं, जिनका जवाब देने को कहा गया है। अन्यथा की स्थिति में उनके खिलाफ कार्रवाई को भी लिखा है। -कृपाशंकर वर्मा, बीएसए