कादरचौक। 13 दिन पहले गैर समुदाय का युवक एक किशोरी का अपहरण कर ले गया। पुलिस अभी तक उसे पकड़ नहीं सकी है। शुक्रवार को परिजनों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ थाने का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने किशोरी को सकुशल लाने और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है।
कादरचौक थानाक्षेत्र के रहने वाली एक किशोरी को भमुइया गांव निवासी मुज्जकिर 17 जुलाई को अपहरण करके ले गया था। किशोरी के पिता ने उसके खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने परिवार से दो लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन भाजपा के एक नेता ने उनको थाने से छुड़वा दिया था। इस बीच बेटी को ढूंढने के लिए परिजन अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पुलिस उनकी सुनने को तैयारी ही नहीं है। परेशान होकर उन्होंने हिन्दूवादी संगठन से संपर्क कर मामले की जानकारी दी।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे सैकड़ों की संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता परिजनों को साथ थाने पहुंचे और इंस्पेक्टर से बात की। पुलिस सकारात्मक रुख न होने से लोग आक्रोशित हुए और थाने का घेराव करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने थाने के सामने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस उनको शांत करने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि जब तक किशोरी नहीं मिलेगी, उनका थाने पर धरना जारी रहेगा। इंस्पेक्टर धनंजय सिंह का कहना है कि किशोरी की तलाश के लिए पुलिस टीम लगी हैं।
धरने पर बैठे ब्लॉक प्रमुख
भाजपा ब्लॉक प्रमुख वीरेंद्र राजपूत अपने समर्थकों के साथ करीब दो बजे थाने पहुंचे। उन्होंने लड़की के परिजनों से बात की और उनको न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठ गए। इसके साथ ही आंदोलन और उग्र हो गया। उन्होंने जांच करने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। धरने पर संजीव कुमार प्रजापति, श्याम सुंदर उपाध्याय, हिमांशु गुप्ता, मनोज राघव, करन सिंह आदि मौजूद रहे।
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पुलिस ने फिर से पप्पू को लिया हिरासत में
शाम करीब छह बजे सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार कई थानों के पुलिस बल के साथ थाने पहुंचे। उन्होंने परिजनों की समस्या को सुना और थाने से छोड़े गए आरोपी के भाई को तत्काल हिरासत लेने का निर्देश दिया। उसके बाद पुलिस ने पिछले दिनों छोड़े गए आरोपी के भाई पप्पू को हिरासत में ले लिया। सीओ ने कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया तो लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।