बदायूं। सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से अब ग्रामीण स्तर की पीएचसी में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाएगा। इसको लेकर एनएचएम के मिशन निदेशक ने डीएम व सीएमओ को पत्र भेजा है। यह कवायद मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने उद्देश्य से की जा रही है।
प्रसव के दौरान गर्भवतियों को होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अभी तक मेडिकल कॉलेज, सीएचसी व शहरी पीएचसी में हर माह की 1, 16 और 24 तारीख को दिवस मनाया जाता है। इसमें गर्भवतियों की जांच, जरूरतमंद को निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। अब इस योजना का विस्तार दिया गया है।
अब ग्रामीण स्तर की 48 पीएचसी में भी यह दिवस मनाए जाने के निर्देश दिए हैं। अब यह चार दिन मनाया जाएगा। इस पहल से गर्भवतियों को ज्यादा दूर नहीं आना पड़ेगा। साथ ही उनके खानपान के लिए हर मेले में दो हजार रुपये की व्यवस्था भी की गई है। सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जा रहा है।