बदायूं। स्टेडियम में सरकार की ओर से कई खेलों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके बाद स्टेडियम जिम, कबड्डी, रेसलिंग हॉल के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से मंजूरी मिलने के बाद कार्यदायी संस्था भी नामित की जा चुकी हैै। जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस भवन का निर्माण शुरू हो जाएगा।
जिले के कबड्डी और रेसलिंग खिलाड़ियों को अभ्यास करने के लिए उचित जगह नहीं मिल पाती थी। न ही कोई संसाधन थे। बारिश और गर्मी में खुले मैदान में अभ्यास करना मुश्किल होता है। जिम की सुविधा न होने से फिटनेस पर भी असर पड़ता है। अब स्टेडियम में करीब 10 करोड़ की लागत से नए हॉल में इंटरनेशनल स्तर के मैट, आधुनिक जिम उपकरण और खिलाड़ियों के लिए लॉकर रूम सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे खिलाड़ी हर मौसम में इनडोर अभ्यास कर सकेंगे। तिमंजिला हॉल बनने से खिलाड़ियों में खुशी का माहौल बना हुआ है। खिलाड़ियों का कहना है स्टेडियम में आधुनिक हॉल बनने से उन्हें काफी मदद मिलेगी।
बरसात में नहीं हो पाता था अभ्यास
स्टेडियम में आउटडोर की सुविधा होने के कारण बारिश में खिलाड़ियों का अभ्यास बाधित हो जाता था। अभी कबड्डी और रेसलिंग की कोई अभ्यास नहीं कराया जा रहा है। न ही इसके कोच यहां पर मौजूद हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ी कबड्डी को ज्यादा तवज्जो देते हैं। कबड्डी के शुरू होने के बाद यहां खिलाड़ी अपने खेल का अभ्यास का लगातार अभ्यास कर सकते हैं। अभी स्टेडियम कबड्डी की मैट तो है, लेकिन बरसात में आउटडोर में अभ्यास करने में खिलाड़ियों को परेशानी होती है। अब आधुनिक सुविधाओं से लैस हॉल में वह निरंतर अपने खेल का अभ्यास कर सकेंगे।
रेसलिंग रिंग से पूरे होंगे सपने
जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह कुश्ती के लिए अखाड़े बने हुए हैं, लेकिन मैट वाली सुविधा कहीं नहीं है। इसलिए खिलाड़ी सिर्फ मिट्टी वाले अखाड़ों तक ही सीमित रहते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेसलिंग प्रतियोगिता मैट पर होती है। इसके कारण जिले के पहलवान पीछे रह जाते थे और मिट्टी वाले दंगलों तक ही यह पहलवान अपने हुनर दिखा पाते थे। अब आधुनिक रेसलिंग रिंग बनने के बाद खिलाड़ी अभ्यास कर अपनी मेहनत से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंचकर अपने सपने को पूरा कर सकेंगे।
शासन को भेजे गए प्रस्ताव की मंजूरी मिल गई है, अब स्टेडियम में तीन मंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। भवन में बने हॉल में जिम, कबड्डी, रेसलिंग खेलों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जाएगा। - अमित रिछारिया, जिला क्रीड़ाधिकारी