बदायूं। बिसौली में सोत नदी पर बना पुल जर्जर होने के कारण पूरी तौर से बंद चल रहा है। फिलहाल, उसके समकक्ष नया पुल बनाए जाने का भी कोई प्रस्ताव नहीं है। चूंकि सोत नदी पूरी तौर से सूख चुकी है, ऐसे में लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने पुल के नीचे से होकर सड़क बनाने का निर्णय लिया है। शासन से प्रस्ताव पास होने के बाद 1.45 करोड़ रुपये भी मिल चुके हैं। उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले इस मार्ग पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे।
बिसौली-रानेट चौराहे के बीच से होकर सोत नदी निकल रही है। इस पर करीब 50 साल पहले पुल बना था। पुल जर्जर होने के कारण 14 अक्तूबर 2023 को भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया था। कुछ समय तक तो यहां पर वाहन बंद रहे, लेकिन धीरे-धीरे फिर से भारी वाहन बेरोकटोक गुजरने लगे।
इसके बाद दिसंबर में यहां दीवार बना दी गई, जिसके बाद आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। इसके बाद से ही हजारों वाहन चालकों की समस्या बढ़ गई। समस्या को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने पुल के नीचे से रास्ता बनाने की योजना बनाई। सोत नदी पूरी तौर से सूख चुकी है। अब यह नाले के रूप में रह गई है।
बरसात में ही इसमें थोड़ा बहुत पानी आता है। पिछले दिनों पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने यहां सर्वे करके प्रस्ताव तैयार किया। जहां पर पानी आता है उस हिस्से में पुलिया का निर्माण करा दिया जाएगा ताकि बारिश में रास्ता बंद न हो। इसके दोनों ओर सड़क डाली जाएगी। इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था, जो पास हो गया है। इसके साथ ही बजट भी जारी कर दिया गया है। 1.45 करोड़ की लागत से यहां रास्ता बनेगा। विभाग मार्च तक काम पूरा करने का दावा कर रहा है।
सोत नदी के पुल से रोजाना दस हजार से ज्यादा गुजरते थे वाहन
सोत नदी पर बने पुल से रोजाना करीब दस हजार से ज्यादा वाहन गुजरते थे। यह रास्ता बिसौली होते हुए कछला की तरफ जाता है। माना यह जा रहा था कि यहां पर नए पुल का काम शुरू हो जाएगा, लेकिन भारी वाहनों का प्रवेश रोककर ही मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। पुल कब तक बनेगा, अभी यह तय नहीं है।
अभी 18 या 54 किलोमीटर घूमकर जा रहे लोग
रानेट पुल जर्जर होने की वजह से दो वैकल्पिक मार्ग मिलते हैं। पहला वैकल्पिक मार्ग बिसौली से वजीरगंज, बिल्सी होते हुए कछला तक है। इसमें 18 किलोमीटर अधिक चलना पड़ेगा। दूसरे वैकल्पिक मार्ग से जाएंगे तो बिसौली से ओरछी, इस्लामनगर से रानेट चौराहा होते हुए कछला तक पहुंचता है। इसमें 54 किलोमीटर का अतिरिक्त फेर पड़ता है।
सोत नदी पर पुल का प्रस्ताव अभी पास नहीं हो सका है। लोगों की सहूलियतों को देखते हुए यहां पुल के नीचे रास्ता बनाया जा रहा है। 1.45 करोड़ की लागत से यहां मार्ग बनाया जाएगा। बीच में पुलिया बनेगी, ताकि बरसात में लोगों को दिक्कत न हो। -देवपाल सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
रास्ता बन जाने से सभी को होगा फायदा
रोजाना सोत नदी पार करके जाना होता है। पहले पुल से आते-जाते थे। अब नीचे से आना-जाना पड़ता है। यहां रास्ता बन जाने पर समस्या का समाधान हो जाएगा। रास्ता बन जाए तो बेहतर है। - गंगालहरी उपाध्याय एडवोकेट, फिरोजपुर गांव
पुल होने पर पहले आराम से आ-जा सकते थे। अब पुल के नीचे से निकलकर जाते हैं। प्रशासन को चाहिए या तो यहां दूसरा पुल बनाए नहीं तो कोई वैकल्पिक मार्ग बनाए। ताकी लोग ठीक से आ-जा सकें।- उमेश कुमार, भानपुर गांव
सोत नदी का पुल बंद होने से सीताराम चौराहा दिनभर रहता है जाम
बिल्सी। बिसौली में सोत नदी के पुल पर आवागमन बंद हो जाने के बाद से नगर में बड़े वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। इसकी वजह से बिजनौर-बदायूं हाईवे पर जाम स्थायी समस्या का रूप ले चुका है। हाईवे पर स्थित सीताराम चौराहे पर दिनभर जाम जैसे हालात बने रहते हैं। दोनों और वाहनों की लंबी लाइन लगी रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बावजूद इसके जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन बिल्कुल भी गंभीर नजर नहीं आ रहा है। लोगों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने की मांग की है। संवाद
बिसौली क्षेत्र में सोत नदी के पुल के नीचे से होकर गुजरते दो पहिया वाहन चालक। संवाद
बिसौली क्षेत्र में सोत नदी के पुल के नीचे से होकर गुजरते दो पहिया वाहन चालक। संवाद