वजीरगंज के गांव दौलतपुर गौटिया की घटना
पति ने घर बंद करके दिया घटना को अंजाम
दौलतपुर गौटिया निवासी जनार्दन सिंह (38) पुत्र रमेश पाल सिंह का अपनी पत्नी ममता (33) से शनिवार शाम झगड़ा हो गया। बात बढ़ने पर जनार्दन ने अपने तीनों बच्चों को घर से निकाल कर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। तीनों बच्चे दौड़कर पड़ोस में ही रहने वाले अपने बाबा रमेशपाल सिंह के पास पहुंचे और झगड़े के बारे में बताया। रमेशपाल तीनों बच्चों के साथ जनार्दन के घर पहुंचे। दरवाजा खोलने को कहा, लेकिन जनार्दन ने दरवाजा नहीं खोला। इसी दौरान घर के भीतर एक के बाद एक तीन फायर हुए। अनहोनी की आशंका के चलते रामपाल ने खबर पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर देखा तो जनार्दन और ममता के शव घर में पड़े थे। जनार्दन के शव के पास 315 बोर का तमंचा भी मिला। घर में 315 बोर के दो खोखे और एक खोखा तमंचे में फंसा हुआ मिला। ममता के सिर में दो गोलियां और जनार्दन के सिर में एक गोली लगी थी। ममता का शव घर में चारपाई पर पड़ा था। करीब छह फीट की दूरी पर दरवाजे के पास जनार्दन का शव खून में लथपथ पड़ा था।
रामपाल सिंह की मानें तो जनार्दन की पहली पत्नी गीता की करीब 11 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी शादी गीता की चचेरी बहन ममता से करा दी गई थी। गीता से एक बेटा विकास (10) और ममता से आठ साल का एक बेटा, छह साल की एक बेटी है। बच्चों की मानें तो उनके माता-पिता में अक्सर झगड़ा होता रहता था। ममता छह महीने से सहसवान के गांव खंदक स्थित अपनी मायके में रह रही थी। दीपावली से एक दिन पहले ही वह ससुराल आई थी। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम को भेज दिए हैं। एसपी देहात, मुन्ना लाल ने बताया कि पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद जनार्दन ने पहले पत्नी को गोली मारी बाद में खुदकुशी कर ली। घटना की पड़ताल की जा रही है। दोनों के शव घर का दरवाजा तोड़कर निकालने के बाद पोस्टमार्टम को भेज दिए हैं। घटना की पड़ताल की जा रही है।