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Budaun News: नीलगाय से टकराई मालगाड़ी, एक डिब्बा बेपटरी

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उझानी रेलवे स्टेशन पर खड़ी दूसरी मालगाड़ी। वितरोई रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी का डिब्बा उतारने
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बदायूं। बरेली से कासगंज की ओर जा रही मालगाड़ी शुक्रवार रात वितरोई फाटक के पास हादसे का शिकार हो गई। यहां रेल सिग्नल के नजदीक अचानक ट्रैक पर नीलगाय के आ जाने से इंजन उससे टकरा गया। टक्कर के तेज झटके से इंजन के पीछे लगा तीसरा डिब्बा पटरी से उतर गया। चालक ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत ट्रेन रोक दी। राहत की बात यह रही कि मालगाड़ी खाली थी। किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। ट्रैक क्षतिग्रस्त होने से रेल यातायात कुछ दिन प्रभावित हो सकता है।
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घटना रात करीब 9:15 बजे की बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे विभाग में अफरातफरी मच गई। जीआरपी इंस्पेक्टर रामप्रताप सिंह, आरपीएफ के जवान, कोतवाली उझानी पुलिस तथा रेलवे अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए। हादसे के बाद एहतियातन इस रूट पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया।


यह ट्रेनें हुईं प्रभावित
रामनगर-बांद्रा सुपरफास्ट एक्सप्रेस को बदायूं स्टेशन पर रोका गया। उझानी स्टेशन पर पहले से मौजूद दो मालगाड़ियों को वहीं रोक दिया गया। कासगंज और बरेली की ओर से आने-जाने वाली दो अन्य मालगाड़ियों को रास्ते में ही रोकने के निर्देश दिए गए। आगरा फोर्ट–रामनगर एक्सप्रेस, जो रात करीब दो बजे उझानी पहुंचती है, उसे भी कासगंज स्टेशन पर रोकने की घोषणा की गई।
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मालगाड़ी के इंजन के आगे अचानक नीलगाय आ गई थी, जिससे यह हादसा हुआ। एक डिब्बा पटरी से उतरा है। किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। पटरी से उतरे डिब्बे को हटाने के लिए कासगंज स्टेशन से क्रेन मौके के लिए रवाना कर दी गई है। उझानी से एक इंजन भी भेजा गया है ताकि डिब्बे को सुरक्षित तरीके से हटाकर ट्रैक बहाल किया जा सके। रेलवे के इंजीनियर ट्रैक की जांच में जुटे हैं। - अनुराग सिंह, स्टेशन अधीक्षक, उझानी


मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतरने की जानकारी हुई है। मौके पर पुलिस है। किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई है। - डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह, एसएसपी, बदायूं


घना कोहरा बना बाधा, डेढ़ घंटे बाद शुरू हो सका रेस्क्यू
हादसे के बाद घने कोहरे ने राहत कार्य को बेहद कठिन बना दिया। दृश्यता कम होने के कारण पुलिस और रेलवे स्टाफ को सड़क मार्ग से मौके तक पहुंचने में काफी दिक्कत हुई। बदायूं आरपीएफ इंस्पेक्टर रामप्रताप सिंह ने बताया कि कोहरे की वजह से करीब डेढ़ घंटे बाद जाकर राहत एवं तकनीकी कार्य प्रभावी रूप से शुरू हो सका। इसके बाद जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे टीम ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला।


यात्रियों में अफरातफरी, स्टेशनों पर बढ़ाई गई सतर्कता
मालगाड़ी के डिब्बे के पटरी से उतरने की सूचना मिलते ही बदायूं, उझानी और कासगंज स्टेशनों पर यात्रियों में अफरातफरी मच गई। कई यात्री प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों की जानकारी लेते नजर आए। रेलवे ने अनाउंसमेंट के जरिए यात्रियों को ट्रेनों के रोके जाने की सूचना दी और सुरक्षा के दृष्टिगत पूरे सेक्शन में सतर्कता बढ़ा दी गई।


पुरानी रेल दुर्घटना ने ताजा कर दी भयावह यादें
इस हादसे ने क्षेत्र के लोगों को करीब डेढ़ दशक पहले कछला ब्रिज और मानपुर नगरिया स्टेशन के बीच हुई उस भीषण रेल दुर्घटना की याद दिला दी, जब एक एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन पटरी से उतरकर बाढ़ के पानी में जा गिरा था। उस समय ट्रेन के पायलट की मौत हो गई थी। इंजन निकालने के लिए एसडीआरएफ व पीएसी के गोताखोरों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी थी। अंततः इंजन नहीं निकल सका और रेलवे को उसे वहीं जमीन में दफन करना पड़ा था।

उझानी रेलवे स्टेशन पर खड़ी दूसरी मालगाड़ी। वितरोई रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी का डिब्बा उतारने

उझानी रेलवे स्टेशन पर खड़ी दूसरी मालगाड़ी। वितरोई रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी का डिब्बा उतारने

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