बदायूं। बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव रायपुर निवासी घलेंद्र (50 साल) पुत्र चुन्नी लाल का शव शुक्रवार की रात आठ बजे एक चलती कार के नीचे फंसा मिला था। कार कादरचौक के गांव असरासी के रहने प्रवेंद्र प्रताप सिंह चला रहे थे। इस मामले में पुलिस ने आरोपी कार चालक प्रवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
घलेंद्र के परिजनों ने बताया कि वह कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव ललुनगला अपने साढ़ू सुनील के घर परिवार के साथ आए थे। उनके घर पर धार्मिक कार्यक्रम था। शुक्रवार की शाम किसी को बिना बताए ही निकल गए। परिजनों ने बताया कि वह राजमिस्त्री का काम करते थे। रात करीब आठ बजे उनका शव एक कार में फंसा हुआ कोतवाली सदर क्षेत्र में मिलने की सूचना मिली तो सब लोग जिला मुख्यालय की ओर दौड़ गए। जिस कार के नीचे घलेंद्र का शव मिला है वह पूर्व बीडीसी मेंबर असरासी क्षेत्र से प्रवेंद्र प्रताप सिंह हैं, जो थाना कादरचौक के गांव असरासी के रहने वाले हैं। असरासी के पास सड़क पर पड़े घलेंद्र को घसीटते हुए 12 किलोमीटर तक लालपुल तक ले आए। पुलिस ने इस मामले में आरोपी कार चालक प्रवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
चालक बोला- गांव से निकलते ही लगा कि सड़क पर पड़ा है कोई जानवर
कार चालक प्रवेंद्र प्रताप सिंह ने पुलिस को बताया कि उसके पिता संजय सिंह कृषि विभाग बदायूं कार्यालय में बाबू हैं। वह गांव में खाद बीज की दुकान चलाता है, जबकि परिवार बदायूं के ही कृषि विभाग की कॉलोनी में रहता है। वह कार से सुबह गांव जाता है और रात को रोजाना लौटता है। शुक्रवार की शाम करीब सात बजे वह घर से कार निकालकर बदायूं के लिए चला था। उसने बताया कि गांव से निकले तो हल्की बूंदे पड़ रहीं थीं। सड़क पर अचानक ऐसा लगा कि कोई जानवर पड़ा है तो कार को उसके ऊपर से निकालता हुआ चला आया। करीब चार किलोमीटर निकलने के बाद गांव शर्की के पास लगा कि कार के नीचे कुछ फंसा है। अंधेरे की वजह से उसने कार नहीं रोकी। लालपुल के पास दूसरी कार के चालक ने बताया, तब उसने कार रोकी तो देखा कि एक व्यक्ति का शव चेचिस में फंसा है। पुलिस ने शव निकलवाकर देखा तो जेब में मिले आधार कार्ड से मृतक की पहचान हो सकी।
कार लिखा है उत्तर प्रदेश सरकार
कार पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखा है। यह कार प्रवेंद्र प्रताप सिंह की है, लेकिन पिता सरकारी विभाग में होने की वजह से उन्होंने कार पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखा रखा था।
असरासी से शर्की तक पुलिस खंगालेगी सीसीटीवी कैमरे
घलेंद्र कार की टक्कर से मरा या फिर किसी अन्य वाहन की चपेट में आकर, इसकी जांच पुलिस कर रही है। इसको लेकर मृतक के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस असरासी गांव से शर्की तक के सीसी कैमरों की फुटेज खंगालेगी। ताकि घटना की असल वजह पता लग सके। जांच के बाद ही पुलिस कार्रवाई करने की बात कह रही है।
असरासी से लालपुल की दूरी 12 किलोमीटर
चालक प्रवेंद्र ने बताया कि असरासी गांव से लालपुल तक की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। इतनी लंबी दूरी तक शव फंसा चला आया यह लोगों में चर्चा का विषय है। लोगों का कहना कि आखिर 12 किलोमीटर तक घलेंद्र का शव कैसे कार के नीचे फंसा चला आया।
कार चालक बहुत कुछ नहीं पता पा रहा है। उसका तो यही कहना है कि उसे पता ही नहीं शव उसकी गाड़ी के नीचे कैसे आ गया। इतना जरूर बताया है कि सड़क पर कोई जानवर पड़े होने का आभास होने की बात कही है। अभी जांच जारी। कार चालक प्रवेंद्र पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। -डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी
इसी कार के नीचे मिला था घलेंद्र का शव।