बदायूं। खंडहरनुमा भवन में बृहस्पतिवार को सीबीएसई की मान्यता के नाम पर संचालित एक और फर्जी स्कूल बेसिक शिक्षा विभाग की टीम ने वजीरगंज ब्लॉक में पकड़ा। टीम को स्कूल में कक्षा एक से आठ तक कक्षाएं संचालित मिलीं। स्कूल का भवन अधबना था। दीवारों पर प्लास्टर तक नहीं था। छापामार टीम ने संचालक को नोटिस दिया है।
वजीरगंज ब्लॉक के नौली हरनाथपुर में पकड़े गए फर्जी स्कूल के संबंध में विभागीय टीम को बिना मान्यता संचालन की जानकारी मिली थी। इसके बाद बीईओ उझानी ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर छापा मारा और स्कूल की मान्यता संबंधी दस्तावेजों की जांच की। प्रबंधक रामबरन यादव मौके पर कोई अभिलेख नहीं दिखा सके। अब विभाग की ओर से प्रबंधक रामबरन यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
पिछले साल 11 फर्जी स्कूल पकड़े, फिर भी नहीं रुका खेल
शासन के निर्देश पर पिछले साल जिले में बिना मान्यता स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। इसमें एसएस इंटरनेशनल स्कूल, ग्रीनबुड पब्लिक स्कूल, संत निरंकारी पब्लिक स्कूल, सरस्वती ज्ञान मंदिर, मदन मोहन मालवीय प्राथमिक विद्यालय, आरएस पब्लिक स्कूल, ब्राइट फ्यूचर पब्लिक स्कूल, वीपी पब्लिक स्कूल, सरस्वती ज्ञान मंदिर नागपुर, सरस्वती विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल सहित एक बिना नाम के संचालित स्कूल मिला था। इसके खिलाफ बीएसए की ओर से एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
17 स्कूल कराए जा चुके हैं बंद
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से गत वर्ष कनक पब्लिक स्कूल करिया वैन, शिव ज्योति पब्लिक स्कूल नाधा, सिद्ध बाबा मॉर्डन पब्लिक स्कूल नाधा, आरके पब्लिक स्कूल कोठा, सिद्ध बाबा मॉर्डन स्कूल कोठा, जाकिर हुसैन पब्लिक स्कूल दहगवां, जनता पब्लिक स्कूल दहगवां, जनता पब्लिक स्कूल दहगवां, एनपी पब्लिक स्कूल सुर्करा, सरस्वती शिक्षा निकेतन मदारपुर, सिलहरी पब्लिक स्कूल सिहलरी, जैस पब्लिक स्कूल कमालपुर जल्लूनगर, एसएम पब्लिक स्कूल दहगवां, सरस्वती ज्ञान मंदिर उस्मानपुर, शिवाजी पब्लिक स्कूल उस्मानपुर, एसबीएम पब्लिक स्कूल उस्मानपुर, राजाराम पब्लिक स्कूल दहगवां, अहिल्याबाई होल्कर पब्लिक स्कूल धर्मपुर को पिछले साल बंद कराया गया था।
स्कूलों के बाहर लगे बोर्ड पर नहीं लिखी जा रही मान्यता
जिले में कई स्कूल ऐसे भी हैं, जिनके बाहर लगे बोर्ड पर यह स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया है कि उन्हें किस स्तर की मान्यता मिली है। इससे अभिभावक आसानी से यह पता नहीं कर पाते हैं कि स्कूल वास्तव में मान्यता प्राप्त है या नहीं। यहां तक की स्कूल संचालकों ने अपना प्रचार-प्रसार बड़े बोर्ड और नामों से किया है, लेकिन मान्यता की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक नहीं की है।
बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। वजीरगंज में एक स्कूल बिना मान्यता के संचालित मिला है। उसको नोटिस भेजा गया है। जवाब मिलने के बाद में कार्रवाई की जाएगी। -नवीन कुमार, बीएसए
वजीरगंज में बिना मान्यता के संचालित मिला स्कूल। स्रोत ग्रामीण