बदायूं। एक माह पहले कोतवाली क्षेत्र में 60 कारतूस की बरामदगी के प्रकरण में नामजद जिन दो आरोपियों के नाम चार्जशीट से निकाले गए थे, उनके नाम अब दोबारा से केस में शामिल किए जाएंगे। मामले की विवेचना में दोनों आरोपियों के नाम निकालने के आरोप में दरोगा बाबू खां व दो पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। चर्चा हो रही है कि नाम निकालने के लिए करीब तीन लाख रुपये में सौदा हुआ था। रकम मिलते ही दरोगा ने केस में नामजद होने के बावजूद अरबाज और ताज मोहम्मद के नाम विवेचना से निकाल दिए थे। अब दोनों को आरोपी बनाकर गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित होगी।
कोतवाली थाना पुलिस ने दो अगस्त को नादे गौटिया गांव निवासी नावेद को 60 कारतूस के साथ गिरफ्तार कर न्यायालय के सामने पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। इस प्रकरण में उसके चचेरे भाई ताज मोहम्मद और उसके दोस्त अरबाज भी शामिल था। मामले की विवेचना दरोगा बाबू खां को मिली।
कोतवाली में तैनात दरोगा बाबू खां ने संगीन मामले में ताज मोहम्मद और अरबाज के नाम विवेचना से हटा दिए और नावेद के विरुद्ध चार्जशीट लगा दी। इसके बाद दरोगा ने चार्जशीट सीओ सिटी की पेशी में दो सिपाहियों को दे थी। चार्जशीट में पूरे साक्ष्य नहीं होने के बाद सिपाही हरीश और प्रवीण ने चार्जशीट पर सीओ के हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया था।
सीओ ने चार्जशीट को हस्ताक्षर करने से पहले पढ़ा तो मामले में खेल पकड़ में आ गया। इसमें दरोगा और सिपाहियों मिलीभगत होने की बात सामने आई। सीओ की जांच रिपोर्ट आने के बाद एसएसपी अंकिता शर्मा ने कार्रवाई करते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। अब दोनों आरोपियों के नाम दोबारा केस में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इधर, एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि चार दिन पहले तीनों को निलंबित किया गया था। प्रकरण में जांच के साथ ही केस में आरोपियों की नामजदगी की जाएगी। नाम शामिल करने के बाद दोनों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दबिश दी जाएगी।
एसपी देहात ने चौकी इंचार्ज को गुड्डू को बयान दर्ज कराने को पेश करने का दिया निर्देश
बदायूं। सिविल लाइंस थाना की नवादा चौकी क्षेत्र की नादे गौटिया निवासी जाबिर अली उर्फ गुड्डू गाजी पुत्र मेहदी अली ने डीआईजी के यहां मामले की शिकायत की। प्रार्थनापत्र देकर दूसरे पक्ष पर आरोप लगाए। यह भी बताया था कि नावेद के संग अरबाज और ताज मोहम्मद भी कारतूस की तस्करी करते हैं, लेकिन इन लोगों के नाम विवेचना से हटा दिए गए। ये आरोपी उसे मारने की फिराक में थे। गुड्डू की शिकायत पर डीआईजी अजय साहनी ने प्रकरण की जांच एसपी देहात डॉ हृदेश कठेरिया को सौंपी। जांच मिलने के बाद 4 सितंबर को एसपी देहात ने नवादा चौकी प्रभारी जोगराज को नोटिस भेजकर जाबिर अली उर्फ गुड्डू गाजी को बयान दर्ज कराने के लिए हाजिर करने को निर्देशित किया लेकिन गड्डू अभी घर से भागा हुआ है। संवाद