फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: गंगा किनारे बसा तंबुओं का शहर, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

विज्ञापन
ककोड़ा मेले में जाता दुकानदार। संवाद - फोटो : chineni news
विज्ञापन
कादरचौक। गंगा किनारे तंबुओं का विशाल शहर बसना शुरू हो चुका है। चारों ओर रंग-बिरंगे टेंट, झंडे, माला-मंडप और पूजा सामग्री की दुकानों ने मेले को जीवंत बना दिया है।
विज्ञापन

रविवार को गंगा तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर होते ही गंगा के तीनों घाटों मुख्य स्नान घाट, कुर्मियान घाट और गंगापुर घाट पर हर-हर गंगे, जय मां गंगे के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान है। गंगा में डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं ने अपने पापों का शमन किया और आस्था के इस महासमागम की शुरुआत की।

रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह और जिलाधिकारी अवनीश राय ने संयुक्त रूप से मेला क्षेत्र का भ्रमण किया। मेला कोतवाली में आयोजित ब्रीफिंग के दौरान एसएसपी ने सभी पुलिसकर्मियों को कड़े निर्देश दिए कि कोई भी ड्यूटी प्वाइंट खाली न छोड़ा जाए। किसी भी प्रकार की शरारत या हंगामे पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि बाइकर गैंग, बाइक से पटाखे छोड़ने या साइलेंसर निकालकर शोर मचाने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। श्रद्धालुओं के साथ पुलिस का व्यवहार सौम्य रहे, ताकि मेला शांति और सौहार्द के वातावरण में सम्पन्न हो।
जिलाधिकारी ने मेले में सफाई, जल आपूर्ति, चिकित्सा, बिजली और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र को दिव्य और स्वच्छ बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

गंगा किनारे सजने लगा धार्मिक संसार
गंगा घाटों पर रविवार को दान-पुण्य का दौर दिनभर चलता रहा। श्रद्धालु फूल, दीप, नारियल और खिचड़ी का भोग अर्पित करते रहे। आंवला से आए गुड्डू गुप्ता ने अपने शिविर में तुलसी विवाह का आयोजन किया, जिसमें तुलसी और शालिग्राम की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चारण से गूंज उठा।
शिविरों में खिचड़ी की खुशबू और चाय की महक के साथ श्रद्धालु एक-दूसरे से मिलते, भजन-कीर्तन करते नजर आए। मेले में आए साधु-संतों ने इसे गंगा की गोद में बसे श्रद्धा के शहर की संज्ञा दी।

बनी व्यवस्था, सज गया मेला क्षेत्र
मेले के मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण उड़ती धूल को रोकने के लिए पानी के टैंकरों से लगातार छिड़काव किया जा रहा है। जगह-जगह जेसीबी से गड्ढे भरे गए, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो। गंगा किनारे बिजली विभाग ने आकर्षक लाइटिंग की है, जिससे शाम होते ही पूरा मेला क्षेत्र जगमगा उठता है। बिजली आपूर्ति के लिए घाट के दूसरी ओर एक मुख्य केंद्र बनाया गया है, जहां से पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत अब तक छह वॉच टावर स्थापित किए जा चुके हैं। हालांकि कुछ पर अभी फ्लोरिंग का कार्य जारी है। इन टावरों पर तैनात पुलिसकर्मी पूरे मेले की निगरानी रखेंगे।

अस्पताल में डॉक्टरों का अभाव, फार्मासिस्ट संभाल रहे मोर्चा
मेला क्षेत्र के अस्थायी अस्पताल में अभी तक डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है। इससे ओपीडी सेवा शुरू नहीं हुई है। फार्मासिस्ट फिलहाल दवा वितरण का काम कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि चिकित्सा टीम तत्काल तैनात की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

अतिक्रमण से बढ़ी चुनौती, शिव प्रतिमा का इंतजार
गंगा घाट से मुख्य द्वार तक के पटरों पर छोटे दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया है, जिससे भीड़भाड़ के समय अफरातफरी की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि बीच का रास्ता खाली रखा जाए ताकि एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसे आपात वाहन आसानी से गुजर सकें। हर वर्ष की भांति गंगा द्वार पर स्थापित की जाने वाली शिव की विशाल प्रतिमा और मगौड़ा इस बार अब तक नहीं बनाए गए हैं। जिला पंचायत के एएमए दिनेश प्रताप ने बताया कि ठेकेदार को जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को धार्मिक सौंदर्य का वही भव्य रूप फिर दिखाई दे सके।

ट्रॉली पलटने से लगा जाम, पुलिस ने दिखाई तत्परता
गंगपुर पुख्या मार्ग पर उझानी मंडी जा रही धान से भरी ट्रॉली पलटने से एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। मेले की ओर जा रहे श्रद्धालु जाम में फंसे रहे। सूचना मिलते ही कादरचौक पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से ट्रॉली हटवाकर आवागमन सुचारू कराया।

बना अस्थायी बस स्टेशन, 15 कर्मी किए गए तैनात

मेले स्थल पर अस्थायी बस स्टेशन तैयार किया गया है, जहां यात्रियों को हर आधे घंटे पर बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। परिवहन निगम ने मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और ग्रामीण यात्रियों की भीड़ को देखते हुए 15 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। ये कर्मचारी बसों के संचालन, टिकट वितरण, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर नजर रखेंगे। मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए बदायूं, बिसौली, दातागंज, इस्लामनगर, सहसवान सहित आसपास के कस्बों से विशेष बसें चलाई जा रही हैं। हर आधे घंटे पर बसों के फेरे तय किए गए हैं ताकि यात्रियों को लंबा इंतजार न करना पड़े।

ककोड़ा मेले में जाता दुकानदार। संवाद- फोटो : chineni news

ककोड़ा मेले में जाता दुकानदार। संवाद- फोटो : chineni news

ककोड़ा मेले में जाता दुकानदार। संवाद- फोटो : chineni news

ककोड़ा मेले में जाता दुकानदार। संवाद- फोटो : chineni news

ककोड़ा मेले में जाता दुकानदार। संवाद- फोटो : chineni news

ककोड़ा मेले में जाता दुकानदार। संवाद- फोटो : chineni news

ककोड़ा मेले में जाता दुकानदार। संवाद- फोटो : chineni news

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें