उझानी। स्वास्थ्य निदेशालय से खंडहर भवन ढहाए जाने की अनुमति के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट एंड लैब के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। लैब का दो मंजिला भवन होगा। एक ही परिसर में मरीजों के खून से जुड़ीं सभी जांचें महज एक रुपये के पर्चे पर होगीं। ब्लॉक क्षेत्र के मरीजों को जांच कराने के लिए जिला मुख्यालय और राजकीय मेडिकल कॉलेज के भी चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में लैब (प्रयोगशाला) के निर्माण के लिए स्वीकृति पिछले साल मिली थी। ब्लॉक स्तर के अधिकतर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लैब का निर्माण शुरू भी हो चुका है, लेकिन उझानी में भवन के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पाने की वजह से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। तीन महीना पहले स्वास्थ्य विभाग के निर्माण अनुभाग के अवर अभियंता समेत विशेषज्ञों की टीम ने ओपीडी भवन के पास खंडहर भवन को चिह्नित किया था। इसके बाद स्वास्थ्य निदेशालय ने खंडहर भवन को ढहाए जाने की अनुमति दे दी।
खंडहर भवन को ढहाए जाने का काम दो दिन पहले शुरू कर दिया गया है। लैब निर्माण के कार्य पर करीब 63 लाख रुपये खर्च होने हैं। लैब का भवन दो मंजिला होगा। इसमें सभी प्रकार की जांचें महज एक रुपये के पर्चे पर होंगी। जांच कराने के लिए मरीजों को बाहर भटकना नहीं होगा। बता दें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से कछला, बुटला, वरामयखेड़ा और शेखूपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जुड़े हैं। इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से भी मरीज खून की जांच कराने के लिए आएंगे।
महंगी जांच कराने से मरीजों को मिलेगा छुटकारा
ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट एंड लैब में मरीजों की जो जांचें होनी हैं, उनमें कई काफी महंगी होती हैं। प्राइवेट लैब में इसके लिए मरीजों को जेब हल्की करनी पड़ जाती है। विभागीय जानकारी के मुताबिक, लैब में यूरिन टेस्ट, संक्रामक रोगों में मलेरिया, टाइफाइड, एचआईवी, हेपेटाइटिस, टीएलसी, डीएलसी, ईएसआर, विडाल टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल आदि की जांच कराने की भी सुविधा होगी। सबसे अच्छी बात तो यह कि मरीजों को एक ही परिसर में सैंपल देना होगा। उसी में सारी जांचें हो जाएंगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट एंड लैब का निर्माण शुरू कराने के लिए खंडहर भवन को इसी माह ढहा दिया जाएगा। विभागीय स्तर से मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए कदम उठाया गया है। - डॉ. सर्वेश कुमार, चिकित्साधीक्षक