राष्टीय लोक अदालत का उदघाटन करते जिला जज के साथ अन्य । स्रोत-विभाग
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बदायूं। महिला संबंधी मामले कुटुम्ब न्यायालय में एक साल से अटके हुए थे। राष्ट्रीय लोक अदालत में इनका निस्तारण किया गया। सभी विभागों में चल रहे 50021 वादों का निस्तारण कर लोक अदालत को सफल बनाया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को कोर्ट परिसर में सुबह दस बजे शुरू हुआ। जिला जज विवेक संगल ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजली अर्पण व दीप जलाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांग जनों को दो ट्राइसिलिक एवं दो वैशाखी का वितरण किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत एक पर्व है। जहां पर पक्षकार अपने-अपने हितों के अनुरूप आपसी समझौते के आधार पर सस्ता एवं सुलभ न्याय प्राप्त कर सकते हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय के 98 मामले आपसी समझौते के आधार पर निस्तारित किए गए। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण 71 मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाओं का निस्तारण कर 4,88,39,000 रुपये की धनराशि पीड़ितों को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाई गई। न्यायालय उपभोक्ता फोरम ने चार वादों में से एक वाद का निस्तारण कर 75253 रुपये की धनराशि पीड़ितों को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाई गई।
न्यायालय स्थायी-लोक अदालत के 10 वादों में से चार वादों का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट 2052 मामलों का निस्तारण, प्री-लिटिगेशन से संबंधित वादों में विभिन्न बैंकों के 1257 मामले, भारत संचार निगम लिमिटेड के नौ, राजस्व संबंधित 424 , 589 स्थानीय निकाय के मामले एवं अन्य प्रकार के 40177 मामले थे। इस प्रकार 42456 प्री-लिटिगेशन मामलों का एवं न्यायालयों में लंबित फौजदारी एवं सिविल वादों में 7565 वादों का निस्तारण हुआ। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में 50021 वादों का निस्तारण हुआ।