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कबूलपुरा की जमीन हुई महंगी, बाकी इलाकों में पुराने रेट

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कबूलपुरा की जमीन के सर्किल रेट बढ़े, बाकी इलाकों में पुरानी दरें
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एक सितंबर से लागू होगा नया सर्किल रेट
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं। प्रशासन ने जमीनों का सर्किल रेट जारी कर दिया है। कबूलपुरा की जमीन का सर्किल रेट बढ़ा है। बाकी इलाकों में जमीन के रेट पुराने रखे गए हैं। नया सर्किल रेट एक सितंबर से लागू होगा।
हर साल शासन के आदेश पर सर्किल रेट की दरें तय की जाती हैं। आमतौर पर सर्किल रेटों में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है। जिला प्रशासन ने कबूलपुरा इलाके की जमीन का सर्किल रेट बढ़ाया है। बाकी इलाकों की जमीनों के दाम वही रहेंगे, जो दो साल पहले लागू किए गए थे।
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दरअसल, नोटबंदी के बाद बाजार में मंदी आई है। प्रॉपर्टी से जुड़ा कारोबार लगभग चौपट हो गया है। लोग जमीन लेने में किसी प्रकार की दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इससे रजिस्ट्री विभाग में भी सन्नाटा रहने लगा है। इससे राजस्व नहीं मिल पा रहा है। जिला प्रशासन को मिलने वाले राजस्व के लक्ष्य में रजिस्ट्री विभाग की तरफ से काफी सहयोग रहता था, लेकिन मंदी की मार ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसको लेकर उप्र स्टांप (संपत्ति का मूल्यांकन) के तहत सर्वे किया गया। ताकि क्षेत्रों में बाजारी मूल्य के अनुकूल वृद्धि प्रभावित की जाए लेकिन जो प्रस्तावित मूल्यांकन सूची तैयार की गई है, उसमें किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की गई है। ---------
ये लगती है स्टांप ड्यूटी - जमीन की सरकारी कीमत (सर्किल रेट) के अनुसार निबंधन विभाग द्वारा स्टांप ड्यूटी वसूल की जाती है। नगर पालिका की सीमा में जमीन के सर्किल रेट पर सात प्रतिशत स्टांप ड्यूटी ली जाती है। जबकि, इसके बाहर के इलाकों में पांच प्रतिशत स्टांप ड्यूटी अदा करनी होती है। दस लाख तक की खरीद पर महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में एक फीसदी की छूट दी जाती है। -------------
कबूलपुरा का बढ़ा रेट
- नए सर्किल रेट के तहत मोहल्ला कबूलपुरा में जमीन के रेटों में इजाफा किया गया है। पहले यहां पर सर्किल रेट सात हजार रुपये थे, जो बढ़ा कर साढ़े सात हजार रुपये कर दिए गए है। अधिकारियों के मुताबिक यहां पर कुछ विसंगति थी। इस बार से यहां पर रेट में इजाफा किया गया। क्योंकि लालपुल की तरफ शहर के बाहर जमीन लेने वाले लोग अधिकतर कबूलपुरा में जमीन दिखा देते थे क्योंकि शहर के रेट साढ़े सात हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर हैं।
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वर्जन - नोटबंदी के बाद प्रापर्टी कारोबार में मंदी है। इसका असर राजस्व वसूली पर भी पड़ा है। इस बार सर्किल रेट नहीं बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। अगर शासन द्वारा सर्किल रेट को लेकर कोई आदेश आएगा तो बढ़ोतरी करना मजबूरी होगी।
- सुनील कुमार, उपनिबंधक प्रथम
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