दो जुलाई तक बच्चों को किताबें-यूनिफार्म मिल जाएंगी: बीएसए
70 फीसदी किताबें आईं,14 जून के बाद बीआरसी से होंगी वितरित
ड्रेस का पैसा एसएमसी खातों में पहुंचा
लापरवाही पर प्रधानाध्यापकों पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। दो जुलाई को स्कूल खुलते ही इस बार बच्चों को किताबें और यूनिफार्म मिल जाने की उम्मीद जग गयी है। बच्चों को आते हीं नयी यूनिफार्म और किताबें मिल जाएं इसके लिए अधिकारी लगे हुए हैं। इससे पूर्व परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को हर साल सत्र शुरु होने के कई माह बाद तक निशुल्क पाठ्य पुस्तकें नसीब हो पाती हैं। जबकि शासन हर बार यहीं दावे करता रहा है कि बच्चों को किताबें,यूनिफार्म आदि समय पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे मगर ऐसा होता नहीं है। अप्रैल से सत्र शुरु होता है। 20 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश हो जाता है। लगभग डेढ़ माह के अवकाश के बाद दो जुलाई को स्कूल खुलेंगे।
बीएसए पीसी यादव ने बताया कि दो लाख 96 हजार बच्चों को यूनिफार्म के दो-दो सेट उपलब्ध कराने के लिए शासन से छह करोड़ 49 लाख 78 हजार 400 रुपये की धनराशि मिली थी। यह धनराशि सभी विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में पहुंच चुकी है। प्रधानाध्यापक हर हाल में दो जुलाई तक मानक के अनुरूप यूनिफार्म सिलवाकर बच्चों को उपलब्ध करा दें। इसमें किसी तरह की लापरवाही-देरी सहन नहीं की जाएगी। दो जुलाई को कितने स्कूलों ने यूनिफार्म वितरित की हैं इसकी सूचना खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से शाम को ही ली जाएगी। इसके बाद कार्रवाई शुरु होगी। बीएसए ने बताया कि नवादा स्थित गोदाम से निशुल्क पाठ्य पुस्तकें सभी ब्लाकों को वितरित हो रहीं हैं। 70 फीसदी किताबें जिले को प्राप्त हो चुकी हैं। 14 जून के बाद यह किताबें प्रधानाध्यापक उठाएंगे। इसके लिए सभी खंड शिक्षाधिकारियों को भी निर्देशित कर दिया गया है।