बदायूं। प्रदेश में दो डीएम का निलंबन किए जाने के बावजूद खनन माफिया में सरकार का खौफ नहीं है। शायद इसकी वजह से खनन को लेकर सरकार की दोहरी नीति है। एक ओर हाईकोर्ट और सरकार खनन की विभीषिका रोकने का दावा करती है, वहीं, दूसरी तरफ नए ठेके देकर बड़े पैमाने पर खनन कराने की तैयारी में है। बदायूं जिले की बात करें तो यहां अभी वैध रूप से कछला गंगाघाट पर खनन के लिए एक छोटा सा प्वाइंट है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद जिले में चार नए प्वाइंट खुलने की तैयारी ही। इन चारों प्वाइंट पर खनन कराने के लिए लगभग सारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। केवल पर्यावरण प्रमाणपत्र मिलने का इंतजार है। जिला प्रशासन जनवरी से इन प्वाइंट पर खनन शुरू कराने का दावा कर रहा है।
खनन विभाग के मुताबिक कछला थ्री नाम से 4.98 हेक्टेयर का खनन प्वाइंट ही जिले में संचालित है। इसके ठेकेदार उत्तराखंड के मदन सिंह नेगी हैं। इसका ठेका भी 22 दिसंबर को खत्म हो जाएगा। बताया कि नेगी ने ही कछला वन नाम के प्वाइंट के लिए आवेदन कर रखा है। इसका रकबा 46 हेक्टेयर के करीब है। कादरचौक क्षेत्र में इंद्राई नाम के 1705 हेक्टेयर के प्वाइंट के लिए कासगंज के मोहर सिंह ने आवेदन किया है। दातागंज के अहमद नगर बछौरा में 5.5 हेक्टेयर के प्वाइंट की दावेदार दिल्ली की कंपनी सतजुग फूड्स प्राइवेट लिमिटेड है तो दातागंज के सकतपुर प्वाइंट पर खनन का ठेका उत्तराखंड के जितेंद्र ले रहे हैं। बताया कि सारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। बस ईसी आने के बाद प्वाइंट खोल दिए जाएंगे। चारों ठेकेदार सरकार को करीब 11.40 करोड़ की रायल्टी एडवांस में दे चुके हैं। कुल रायल्टी और अन्य मदों के खर्च मिलाकर यह करीब 35 करोड़ रुपये जमा करेंगे।
---
बड़े प्वाइंट की अनुमति प्रदेश से
जिला स्तर पर बनाई गई समिति को केवल पांच हेक्टेयर तक के खनन पट्टे देने का अधिकार है। यह सभी प्वाइंट आकार में बड़े हैं, इसलिए इनकी अनुमति प्रदेश स्तर से ली गई है। इसी तरह का बड़ा प्वाइंट कछला टू नाम से है जो सौ एकड़ से ज्यादा का है और फिलहाल रिकार्ड में बंद पड़ा है। तर्क है कि प्वाइंट तक जाने के लिए रास्ता नहीं है, इसलिए उसे शुरू नहीं किया जा सकता।
--
एक प्वाइंट से यह हाल, आगे क्या होगा
विभागीय रिकार्ड में जहां खनन का एक छोटा प्वाइंट चालू है, वहीं जिले के लगभग सभी मार्गों पर बालू भरी ओवरलोड ट्रॉलियां दौड़ती देखी जा सकती हैं। अधिकांश बिना रिकार्ड ही चल रही हैं। कछला में घाट के करीब जेसीबी से हो रहे खनन से बालू के बड़े पहाड़ बना दिए गए हैं। अब चार प्वाइंट खुलने पर जिले में किस कदर खनन होगा, समझा जा सकता है। खनन से गंगा के तट और गहरे होंगे। इससे लोगों के डूबने और बाढ़ का खतरा बढ़ेगा।
---
फैजगंज बेहटा में खनन से हो रहा पटान
जिले में अवैध खनन नहीं हो रहा है। कादरचौक क्षेत्र में अवैध खनन का शोर मचता है पर प्रशासनिक जांच में भी साफ हो चुका है कि यह प्वाइंट पड़ोसी जिले कासगंज का है। अब वैध ठेके हो जाने से अवैध खनन की संभावना जड़ से खत्म हो जाएगी।
- नरेंद्र सिंह, खनन निरीक्षक
---
खनन माफिया धड़ल्ले से करा रहे खनन
आसफपुर। दो दिनों से कस्बा फैजगंज बेहटा के मितरोली मार्ग पर खनन माफिया की जेसीबी रात दिन गरज रही है। यहां से दर्जन भर ट्रैक्टर और ट्रॉली धड़ल्ले से नगर पंचायत में मिट्टी डालने का काम कर रहे हैं। एक नेता के इशारे पर हो रहे इस खनन पर थाना पुलिस भी चुप्पी बनाए हुए है, इससे पुलिस की कार्यप्रणाली भी संदिग्ध हो गई है। एक तालाब को भी अवैध तरीके से पाटने का काम यहां चल रहा है। कस्बे के लोगों द्वारा खनन की सूचना देने के बाद भी प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। इधर, बिसौली के एसडीएम मोहम्मद ओवेस ने बताया कि उन्हें इस खनन की कोई जानकारी नहीं है, और न ही उनके द्वारा कोई परमीशन दी गई है। अगर खनन हो रहा है तो माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।