उझानी (बदायूं)।
कछला गंगाघाट पर बुधवार सुबह नहाते समय दो अलग-अलग स्थानों पर कांवड़ियों समेत छह लोग डूब गए। डूबे लोगों में बरेली निवासी एक ही परिवार के तीन सदस्य भी थे। बाद में सभी को गोताखोरों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घाट पर कासगंज जिले वाले छोर पर पहला हादसा सुबह करीब सात बजे हुआ। राजस्थान के भरतपुर से गंगा स्नान को बोलेरो से आठ लोग पहुंचे। नहाते समय इनमें से रामसहाय (19) पुत्र गंगा सहाय, मुन्नालाल (22) पुत्र विजय और विजय का रिश्तेदार युवक गहरे में चले गए। उन्हें डूबता देख परिवार के लोगों ने शोर मचाया तो घाट पर मौजूद लोगों ने गोताखोरों को बुला लिया। गोतखोर रिजवान के साथ गंगा में कूदे दुकानदार कमलेश और जुगल किशोर ने तीनों को बाहर निकाल लिया। रामसहाय को बाहर निकालते वक्त उसकी हालत बिगड़ गई। उसका कछला के ही निजी क्लीनिक पर उपचार भी कराया गया। चश्मदीद लोगों में जुगलकिशोर ने बताया-जिस समय हादसा हुआ तब पीएसी के गोताखोर मौके पर नहीं थे।
इसके अलावा सुबह करीब नौ बजे बरेली के फरीदपुर कसबे के मोहल्ला परा निवासी मनोज वर्मा (35) अपने परिवार वालों के साथ अस्थि विसर्जन को घाट पर पहुंचे। मनोज की पत्नी के साथ भाई अतुल और बेटा रितिक भी शामिल थे। अस्थि विसर्जन के दौरान 16 वर्षीय रितिक डूबने लगा तो पिता मनोज उसे बचाने को आगे बढ़ा। मनोज के साथ छोटा भाई अतुल (30) भी गहरे जलस्तर में फंस गए। नाव पर सवार लेखपाल ओमबाबू नागेंद्र ने प्राइवेट गोताखोरों के जरिए बाप-बेटे समेत तीनों सदस्यों को बचा लिया। भनक लगते ही कछला चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गोतखोरों की प्रशंसा की।