परिषदीय स्कूलों में शौचालय से संबंधित दिक्कत नए सत्र में दूर हो जाएंगी। पहले जहां 50 स्कूलों में अनुपयोगी शौचालयों के मरम्मत कार्य के लिए 12.50 लाख रुपये बजट मिल चुका है। वहीं अब 81 नए शौचालय के लिए 56.70 लाख का बजट दिया गया है। विभाग को इसका पत्र प्राप्त हो चुका है।
जिले में करीब 2,514 परिषदीय व जूनियर स्कूल हैं, जिसमें पौने तीन लाख छात्र पढ़ रहे हैं। अधिकांश विद्यालयों में शौचालय की समस्या हैं। किसी में शौचालय टूटे हैं तो किसी में शौचालय उपयोग लायक नहीं हैं। लिहाजा बच्चों को खुले में जाना पड़ता है। सबसे अधिक दिक्कत स्टाफ और छात्राओं को होता है। इसे देखते हुए स्कूलों में सुलभ शौचालय बनाने का निर्णय लिया गया है।
सर्व शिक्षा अभियान के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी जगदीश सिंह कहते हैं कि 81 स्कूलों में नए शौचालय बनाने के लिए पत्र आया है। प्रत्येक स्कूल को 70 हजार रुपये दिए जाएंगे। कुल 56.70 लाख का बजट रखा गया है। सत्र समाप्ती के चलते 2014-15 का पैसा भेजा जा रहा है। एओ सिंह ने बताया कि पत्र मिल चुका है, बजट भी एक दो दिन में आ जाएगा। इसके बाद कार्रवाई को बढ़ा दिया जाएगा।
50 शौचालयों को रिपेयर करने का बजट मिला है। 81 नए शौचालयों के लिए भी पत्र आ चुका है। इसमें हेड मास्टर को अनुपयोगी शौचालयों की फोटो खींच कर जानकारी देनी होगी। वहीं नया शौचालय बनाने से पहले हेड मास्टर को यह बताना होगा कि पहले कभी शौचालय बनाया जा चुका है या नहीं।
- कृपा शंकर वर्मा, बीएसए