फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारात में जा रहे दो दोस्तों की सड़क हादसे में मौत

विज्ञापन
Road Accident
विज्ञापन
बदायूं। जिले में गुरुवार को अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई तो दो लोगों की हालत नाजुक है। इनमें से तीन दोस्त बाइक से बारात में जाते वक्त हादसे के शिकार हुए जिसमें से दो की मौत हो गई। यह हेलमेट नहीं पहने थे।
विज्ञापन

दातागंज। थाना क्षेत्र के गांव पापड़ निवासी राजपाल के पुत्र चंद्रपाल की गुरुवार को शादी थी। उसकी बारात शाहजहांपुर जिले के कलान थाना अंतर्गत गांव कुबेरपुर जा रही थी। शाम को गांव निवासी बंटू (20) पुत्र राममोहन, इरशाद (22) पुत्र पच्चू और जेमेंद्र (22) पुत्र सूरजपाल एक बाइक पर बैठकर बारात में जाने को निकले। बताते हैं कि डहरपुर मोड़ की पुलिया के पास कोई वाहन इनकी बाइक को टक्कर मारकर निकल गया। स्थानीय ग्रामीणों ने तीनों को लहूलुहान हालत में पड़ा देखा तो एंबुलेंस 108 को सूचना देकर बुला लिया। इन्हें लेकर एंबुलेंस जिला अस्पताल पहुंची। यहां बंटू और इरशाद को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि जेमेंद्र को गंभीर हालत में बरेली रेफर कर दिया गया।
बिनावर। कस्बा निवासी अर्जुन वाल्मीकि (20) पुत्र लालाराम गुरुवार शाम अपनी पल्सर बाइक से बरेली की ओर गया था। वह लौटकर कस्बे की ओर आ रहा था। इस बीच पीएचसी के पास रहने वाले वलीशेर अपने घर के सामने सड़क पर डनलप लगाकर बाजरा के पूले उतार रहे थे। बताते हैं कि अर्जुन की तेज रफ्तार बाइक पीछे से डनलप में घुस गई। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे बरेली रेफर किया गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन

मुजरिया। सराय मनसुख गांव निवासी धर्मवीर (30) गुरुवार शाम मुजरिया से बाइक पर वापस अपने गांव जा रहे थे। कोल्हाई से पहले अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। इससे धर्मवीर गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। बाद में एसओ प्रमोद कुमार ने अपनी गाड़ी से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां से घरवाले उसे गंभीर हालत में बरेली रेफर करा ले गए।
---------------------
इकलौता चिराग था बंटू
दातागंज। सड़क हादसे में मौत का शिकार हुए बंटू और इरशाद आपस में गहरे दोस्त थे। दोनों ही सामान्य परिवारों के बेटे थे। बंटू अपने माता-पिता का अकेला बेटा था और इंटर का छात्र था। वहीं, इरशाद पांच भाई बहनों में तीसरे नंबर का था। वह बीए प्रथम वर्ष का छात्र था। दोस्तों ने बारात की बस से अलग बाइक पर जाने का निर्णय किया था। इनके पास हेलमेट भी नहीं था। लोगों का कहना था कि अगर हेलमेट होता तो शायद इनकी जान बच जाती। घटना के बाद शादी के रंग में भी भंग पड़ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें