बदायूं। नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में बुधवार को जिले में छिटपुट घटनाओं के बीच कुल 67.5 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां सात नगर पालिकाओं और 13 नगर पंचायत अध्यक्षों और सदस्य पद के प्रत्याशियों का फैसला मतपेटिकाओं में कैद हो गया। शहर के साहू धर्मशाला मतदान केंद्र पर कुछ लोगों ने बूथ कैप्चरिंग की और मतपत्र फाड़ डाले। इस्लामनगर थाने में एक पूर्व विधायक और पूर्व चेयरमैन को 17 घंटे नजरबंद रखा गया।
जिले के 20 नगर निकायों के चुनाव में 572 बूथों पर सुबह 7:30 से शाम 5:30 बजे 67.5 फीसदी मतदान हुआ। कई बूथों पर सुबह सात बजे से ही लोग लाइन में लग गए। कई बूथ ऐसे रहे जहां सुबह मतदान काफी धीमा रहा। दोपहर करीब दो बजे विद्यावती वैदिक इंटर कॉलेज और सिंग्लर गर्ल्स इंटर कॉलेज में फर्जी मतदान का आरोप लगाकर कुछ लोगों ने हंगामा किया और मतदाताओं के साथ धक्का-मुक्की की गई।
शाम साढ़े चार बजे शहर के मथुरिया चौक के पास स्थित साहू धर्मशाला में कुछ लोगों ने मतदान कर्मियों से मतपत्र छीनकर फाड़ डाला, जिससे हंगामा होने लगा। मौके पर पहुंचे अफसरों ने किसी तरह मामला संभाला। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों को फर्जी मतदान के आरोप में पुलिस ने पकड़ा।
इसी क्रम में फर्जी वोटिंग का आरोप लगाकर दोपहर बाद विद्यावती स्कूल पर बने बूथ पर पहुंचे सांसद प्रतिनिधि अवधेश यादव को भाजपा के युवा कार्यकर्ताओं ने धक्के देकर गेट से बाहर कर दिया। उनसे अभद्रता की गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि आप ही बूथ कैप्चरिंग करते थे, यहां सब कुछ फेयर है।
इधर, मतदान के दौरान ड्रोन कैमरे से केंद्रों पर निगरानी की गई और अति संवेदनशील बूथों की वेबकास्टिंग से सीधा प्रसारण हुआ। प्रेक्षक, डीएम, एसएसपी समेत आला अधिकारी दिन भर बूथों का निरीक्षण करते रहे। मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए जिला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए थे। ऐसे लोगों को लाइन में लगने की जगह सीधे बूथ में पहुंचकर मतदान करने की इजाजत दी गई थी। बूथों में युवाओं के साथ ही बुजुर्गों ने भी उम्र को पीछे छोड़ते हुए मतदान किया।
उधर, इस्लामनगर नगर पुलिस ने बिल्सी के पूर्व विधायक हाजी मुसर्रत अली उर्फ बिट्टन और पूर्व चेयरमैन वाहिद खां को विवाद की आशंका के चलते 17 घंटे तक थाने में बैठाए रखा। मतदान खत्म होने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया।