फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अच्छी बसों से हटाया जाएगा लापरवाह स्टाफ

विज्ञापन
बस - फोटो : डेमो
विज्ञापन
बदायूं। परिवहन निगम के बदायूं डिपो में लापरवाह चालक-परिचालक न केवल मौज मार रहे हैं बल्कि मेहनती स्टाफ के लिए भी मुसीबत बने हैं। वह अच्छी बसें अपने नाम एलॉट करा लेते हैं और कर्मठ कर्मचारी को अपेक्षाकृत खटारा बसें मिल पाती हैं। इस मामले में अब एआरएम ने सख्ती की है।
विज्ञापन

संविदा चालकों-परिचालकों को महीने में न्यूनतम 22 दिन की ड्यूटी जरूरी है तो परमानेंट स्टाफ को महीने में कम से कम चार हजार किमी की दूरी का संचालन करना होता है। बदायूं डिपो में करीब पंद्रह फीसदी कर्मचारी ऐसे हैं जो न्यूनतम ड्यूटी का आंकड़ा कभी पूरा नहीं करते। कुछ कर्मचारी महीने में पांच तो कुछ दस दिन ही आते हैं। इसके बजाय यह प्रयास करते हैं कि इन्हें शानदार माइलेज देने वाली नई बसें मिलें। अनुबंधित बसों के मालिक इस स्थिति से ज्यादा परेशान थे। उन्हें अपनी बसों पर ड्यूटी करने को अच्छे परिचालक नहीं मिल रहे थे। उनकी शिकायत पर एआरएम पहले से इन लोगों पर सख्ती कर रहे थे अब मुख्य प्रधान प्रबंधक संचालन एचएस गाबा ने सर्कुलर जारी करके ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गाबा ने कहा है कि जुलाई से सितंबर तक का आंकड़ा निकलवाकर देखा जाए कि दस से कम दिन कितने स्टाफ ने ड्यूटी की है। ऐसे स्टाफ की संख्या नगण्य की जाए। चालकों परिचालकों की ड्यूटी साफ्टवेयर के हिसाब से लगाई जाए ताकि किसी को कम या ज्यादा ड्यूटी मिलने की शिकायत न रहे। यह भी देख लें कि वाहन आवंटन करने वाला साफ्टवेयर सही से काम कर रहा है या नहीं।
विज्ञापन

-----
वर्जन
हमारे पास स्टाफ की कमी नहीं है। हम मेहनती स्टाफ को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्हें नियमित तौर पर अच्छी बसें आवंटित की जा रही हैं। नाकारा स्टाफ पर पूरी नजर है। संविदा वाले गड़बड़ करेंगे तो उनकी नौकरी जाएगी, नियमित स्टाफ की लापरवाही पर उनका वेतन काटा जाएगा और विभागीय कार्रवाई अलग से होगी।
विज्ञापन

-राजेश कुमार, एआरएम
----
बदायूं डिपो- फैक्ट फाइल
कुल बसें- 126, अनुबंधित बसें- 40, संविदा ड्राइवर- 232, नियमित ड्राइवर- 63, अक्षम- 12, संविदा परिचालक- 248, रेग्युलर- 47
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें