बदायूं। जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चंद्रा की दिक्कतें बढ़ गईं हैं। कमिश्नर के एक आदेश से उन्हें झटका लगा है। उनकी ओर से 30 जून 2017 को आहूत की गई जिला पंचायत की बैठक को कमिश्नर ने निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही उस बैठक में जो भी निर्णय लिए गए थे वह प्रभावहीन हो गए हैं, लिहाजा शिकायतकर्ता जिला पंचायत सदस्य इसे अपनी जीत मान रहे हैं। वहीं बैठक के निरस्त होने से अध्यक्ष समर्थकों में खलबली मची है।
सपा की सरकार जाने के बाद से जिला पंचायत में बीजेपी समर्थित सदस्यों को मानो संजीवनी मिल गई। सो वह जिला पंचायत अध्यक्ष की ओर से जो भी निर्णय लिए जाते हैं उनका विरोध करने से पीछे नहीं रहते। बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चंद्रा ने 30 जून 2017 को बोर्ड की एक बैठक आहूत की थी। इस बैठक को लेकर उसी समय विरोधी सदस्यों ने कई सवाल खड़े कर दिए थे। डीएम-सीडीओ और जिला पंचायत के एएमए से भी शिकायत की गई। जिला पंचायत सदस्य विराट कुमार, नेत्रपाल आदि ने 10 जुलाई 2017 को कमिश्नर से शिकायत करते हुए बैठक को अवैधानिक बताया था। इन सदस्यों का आरोप था कि बैठक में विशेष संकल्प के तहत पारित कई प्रस्ताव अवैधानिक हैं। कमिश्नर ने इसकी जांच उप निदेशक पंचायत बरेली मंडल से कराई। जांच अधिकारी ने कमिश्नर को 24 जुलाई को अपनी आख्या प्रस्तुत की। जिसमें उन्होंने कहा था कि जिला पंचायत अध्यक्ष की ओर से आहूत बैठक में उत्तर प्रदेश जिला पंचायत (कार्यवाहियों का संचालन) नियमावली 1962 की धारा -4 (1) में विहित प्रक्रिया का अनुपालन नहीं कराया गया है। जिसकी वजह से बैठक की प्रक्रिया दोषपूर्ण है। इस पर कमिश्नर ने 26 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष से एक सप्ताह में अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा था । जिला पंचायत अध्यक्ष ने एक अगस्त को अपना पक्ष प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी सदस्यों को बैठक और एजेंडे की प्रति विशेष पत्रवाहक के जरिए भिजवाईं थी। सभी ने अपनी उपलब्धता के आधार पर प्राप्त भी किया था। कमिश्नर ने जिला पंचायत अध्यक्ष के तर्क को विधिसम्मत नहीं माना। यह भी कहा है कि अध्यक्ष ने 10 जून को आयोजित होने वाली बैठक, जिसे स्थगित कर 30 जून को बुलाया था उस बारे में कोई अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। कमिश्नर ने 30 जून को हुई इस बैठक को उत्तर प्रदेश जिला पंचायत (कार्यवाहियों का संचालन) नियमावली में विहित प्रक्रिया का अनुपालन सिद्ध न होने के कारण बैठक को निरस्त कर दिया। कहा है कि इस बैठक में जो भी निर्णय लिए गए वह विधि सम्मत न होने के कारण प्रभावहीन समझे जाएंगे।
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आदेश का अनुपालन कराने को सीडीओ के निर्देश
बदायूं। कमिश्नर की ओर से भेजे गए जिला पंचायत बोर्ड की बैठक निरस्त किए जाने संबंधी आदेश का अनुपालन कराने के लिए सीडीओ शेषमणि पांडेय ने अपर मुख्य अधिकारी को निर्देश दिए हैं। साथ ही अनुपालन के संबंध में उन्हें अवगत कराने के भी निर्देश दिए हैं।
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विरोधी मान रहे हैं अपनी जीत
बदायूं। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक निरस्त होने को विरोधी सदस्य अपनी जीत मान रहे हैं। कई सदस्यों का कहना है जिला पंचायत में अब किसी तरह की मनमानी नहीं होने दी जाएगी।