बदायूं। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू होने के बाद पुलिसिंग में विवेचना के दौरान डिजिटल साक्ष्य संकलित करने की कवायद की जा रही है। इसके तहत अब विवेचक ई-साक्ष्य एप के जरिए मौके पर जाकर जांच क्राइम सीन की फोटो और वीडियो आदि अपलोड करेंगे। साथ ही अधिकारी इन रिपोर्ट को देखकर जांच की प्रगति पर भी नजर रख सकेंगे। इसके लिए जिले के विवेचकों को 652 मोबाइल वितरित किए जाएंगे। इसके लिए शासन की तरफ से जिले की पुलिस को 1.32 करोड़ का बजट दिया गया है।
एक जुलाई 2024 से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू कर दी गई है। इसके तहत पुलिसिंग को हाईटेक बनाने की भी पहल शुरू की गई है। मुकदमे की विवेचना अब डिजिटल एप पर होगी। विवेचना से संबंधित सभी साक्ष्य, क्राइम सीन के सभी रिकॉर्ड व जब्तीकरण की सभी कार्रवाई डिजिटल होगी।
इसके चलते जिले के सभी विवेचकों को स्मार्ट मोबाइल फोन दिए जाएंगे। इसके लिए शासन की ओर से बदायूं पुलिस को मोबाइल देने के लिए 1.32 करोड़ का बजट पास किया गया है। इस बजट से 652 मोबाइल फोन खरीदकर सभी विवेचकों को वितरित किए जाएंगे। स्मार्ट मोबाइल फोन में ई-साक्ष्य एप के जरिए विवेचक खुद का यूजर आईडी व पासवर्ड जनरेट करेंगे। इसके अलावा विवेचक इस मोबाइल फोन की मदद से ई-साक्ष्य, यूपी कॉप समेत अन्य एप की मदद से घटनास्थल के फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य अपलोड कर सकेंगे। (संवाद)
20 हजार रुपये कीमत का होगा स्मार्ट मोबाइल फोन
1.32 करोड़ रुपये से खरीदे जाने वाले स्मार्ट मोबाइल फोन में प्रत्येक की कीमत करीब 20 हजार रुपये होगी। इस दौरान मोबाइल में स्टोर की क्षमता, कैमरा, प्रोसेसर का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह मोबाइल मिलने के बाद विवेचक स्मार्ट मोबाइल फोन न होने का कोई बहाना नहीं बना सकेंगे।
शासन की तरफ से जिले के सभी विवेचकों के लिए 652 मोबाइल खरीदने का बजट दिया गया है। जल्द ही सभी को मोबाइल फोन वितरित किए जाएंगे। मोबाइल में ई-साक्ष्य एप के जरिए घटनास्थल की जांच रिपोर्ट, साक्ष्य व फोटो-वीडियो अपलोड कर सकेंगे। इसके साथ ही विवेचना की प्रगति रिपोर्ट भी ऑनलाइन रहेगी। - डॉ. ब्रजेश सिंह, एसएसपी