बदायूं। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में राहगीरों का गला तर करने के लिए लगाए गए ठंडे जल प्याऊ खुद ही ‘प्यासे’ हैं। ऐसे में लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए सड़कों पर बिकने वाले पेय और पेयजल का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ प्याऊ तकनीकी दोषों के चलते ठप हैं तो कुछ में टोटियां तक नहीं हैं। शीतल पानी की बात करना तो बेमानी सा है, क्योंकि कई के फ्रीजर खराब होने से इन प्याऊ से गर्म पानी निकलता है। ऐसे में यदि कोई राहगीर इन प्याऊ का सहारा लेता भी है तो गर्म पानी के कारण उसे अपना हाथ झटकना पड़ जाता है।
शहर में सबसे ज्यादा भीड़ रोडवेज, प्राइवेट बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर रहती है। इन जगहों पर हजारों की संख्या में यात्री रोजाना आते-जाते हैं। गर्मी के भीषण मौसम में यात्रियों को ठंडा पानी मिल सके, इसके लिए नगर पालिका द्वारा करीब चार साल पहले शहर में विभिन्न स्थानों पर 90 शीतल जल के प्याऊ लगवाए गए थे, लेकिन देखरेख के अभाव में इनमें से ज्यादा खराब होते गए। पालिका द्वारा न तो इसकी सफाई कराई गई और न ही इसकी मरम्मत कराई गई। पालिका की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगर पालिका परिसर में लगा शीतल जल प्याऊ तक खराब पड़ा हुआ है।
कचहरी के पास लगा प्याऊ खराब
जिले भर के लोग अपनी शिकायतों व समस्याओं के समाधान को लेकर अधिकारियों से मिलने के लिए कचहरी पहुंचते हैं। कचहरी तिराहे के पास में कोर्ट और जेल भी है। ऐसे में यहां पर भी सैकड़ों की संख्या में लोगों का रोजाना आना-जाना लगा रहता है। इन लोगों को ठंडा पानी नसीब हो सकेे, इसके लिए इस्लामियां इंटर कॉलेज गेट पर शीतल जल प्याऊ लगाया गया, जो इस समय खराब पड़ा है, लेकिन पालिका द्वारा इसे ठीक नहीं कराया गया है। इस वजह से लोगों को ठंडा पानी नसीब नहीं हो पा रहा है।
चिराग तले अंधेरा...पालिका गेट पर लगा प्याऊ ही बेकार
नगर पालिका प्रशासन भले ही शहर में लगे शीतल जल प्याऊ दुरुस्त होने की बात करे, लेकिन यहां तो चिराग तले ही अंधेरा नजर आता है। नगर पालिका परिसर में लगा शीतल जल प्याऊ तक देखरेख के अभाव में खराब पड़ा हुआ है। हालत ये हैं ये प्याऊ अब स्थानीय दुकानदारों का सामान रखने के काम आ रहा है। ऐसे में शहर में लगे प्याऊ के हालात के बारे में आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है।
पानी की बोतलें खरीदकर काम चला रहे यात्री
रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंड पर आने वाले यात्रियों को गर्मी के मौसम में ठंडा पानी मिल सके, इसके लिए नगर पालिका द्वारा शीतल जल प्याऊ बदायूं क्लब के पास में लगाया गया। यह कुछ समय तो ठीक चला, बाद में ये नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो गया। ऐसे में यहां आने वाले यात्रियों को लिए पानी की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ता है या फिर पैसे खर्च करके पानी की बोतलें खरीदनी पड़ती है।
कॉलेज गेट पर लगे प्याऊ की टोटियां तक गायब
गिंदो देवी महिला महाविद्यालय के गेट पर पर लगे शीतल जल प्याऊ के हालात खराब है। इस प्याऊ में टोटियां तक नहीं है। टोटियों तक को कोई उखाड़कर ले गया, लेकिन पालिका ने इसकी सुध नहीं ली। कॉलेज आने वाली छात्राएं यदि बाहर पानी-पीना चाहें तो उन्हें आसपास लगे हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ता है। इसके अलावा यहां के आसपास के दुकानदार व राहगीरों को भी इधर-उधर भटकना पड़ता है।
शहर में जो कुछ प्याऊ ठंडा पानी दे रहे हैं, तो उनके भी हालात कुछ ठीक नहीं है। वजह है कि उनके पास में इस कदर गंदगी फैली हुई है, जिससे शीतल जल प्याऊ के पास में पहुंचना तक मुश्किल हो रहा है। यही हालात गद्दी चौक पर लगे शीतल जल प्याऊ के हैं। वहां गंदगी की भरमार है। स्टेशन के गेट पर लगे प्याऊ के अंदर तो लोगों ने पान और गुटखे की पीक तक भर रखी है। इसके बाहर इतनी गंदगी फैली है कि अच्छे भले इंसान की तो पानी पीने तक की इच्छा न हो।
शहर में जितने भी शीतल जल प्याऊ हैं, सब को सही करने के लिए ईओ को निर्देश दिए गए हैं। उनसे कहा गया है कि अविलंब सभी शीतल जल प्याऊ ठीक कराए जाएं, कोई भी प्याऊ खराब नहीं रहना चाहिए। खराब मिलने की स्थिति में ईओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-दिनेश कुुमार सिंह, डीएम