बदायूं। डीएम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय शेखूपुर का निरीक्षण किया तो शैक्षिक गुणवत्ता की हालत खराब मिली। छात्राओं को इकाई-दहाई तक का ज्ञान नहीं था। अन्य सवालों के उत्तर भी नहीं दे पाने से डीएम नाराज दिखे। उन्होंने बीएसए से नाराजगी जाहिर की। कहा कि मैं परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हूं।
रविवार को डीएम दिनेश कुमार सिंह ने एसएसपी चंद्र प्रकाश के साथ शेखूपुर स्थित नगर क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। विद्यालय में 100 छात्राओं के सापेक्ष मात्र 42 छात्राएं ही उपस्थित मिली। डीएम ने कारण पूछा तो संगीत शिक्षिका प्रतिष्ठा शर्मा ने बताया कि शेष छात्राओं को वार्डन ने छुट्टी दे दी है। इतना सुनते ही डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने ने पूछा एक साथ 58 छात्राओं को किसकी अनुमति से छुट्टी दी गई। उन्होंने बीएसए को निर्देश दिए कि वह वार्डन उपासना सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लें और उन्हें अवगत कराएं। डीएम ने बच्चों से भोजन, रजाई, गद्दों की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने बीएसए को निर्देश दिए कि विद्यालय बाउंड्री किनारे पौधरोपण कराया जाए और भवन की रंगाई-पुताई भी कराई जाए। डीएम ने बच्चियों को प्रतिदिन की दिनचर्या के संबंध में भी जानकारी लेते हुए पूछा कि किसी प्रकार की कोई असुविधा तो नहीं है। उपलब्ध बजट के संबंध में भी जानकारी ली। बीएसए ने बताया कि धनराशि की कोई कमी नहीं है।
डेढ़ महीने बाद दोबारा करूंगा निरीक्षण
विद्यालय में मौजूद संगीत शिक्षिका प्रतिष्ठा शर्मा, गणित शिक्षिका नीतू गंगवार और बीएसए को चेतावनी दी कि लगभग ढेड़ माह बाद स्कूल का दोबारा निरीक्षण करेंगे। स्थिति में सुधार न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय में फुल टाइम पांच तथा पार्ट टाइम तीन शिक्षक और शिक्षिकाएं हैं। रविवार के अवकाश होने के कारण केवल संगीत एवं गणित की शिक्षिकाएं उपस्थित पाई गईं।