बदायूं। तीन दिन पहले कचहरी तिराहे पर रोता मिला तीन साल का मासूम बच्चा सूरज बृहस्पतिवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अपने घर वालों तक पहुंच गया। वह मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव नरसेना के अनेकपाल का बेटा निकला। अमर उजाला में बेटे के नेकपुर आश्रय गृह में होने की खबर और फोटो देखकर यहां पहुंचे अनेकपाल को देख बालक उनसे गले लगकर रोने लगा। उसके मिलने की खुशी में घर वालों की भी आंखों में आंसू भर आए। बाल कल्याण समिति के आदेश पर इस बालक को उसके परिवारजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
10 जुलाई को दो साल का मासूम कचहरी तिराहे पर खड़ा रो रहा था। वह अपने घर वालों से बिछड़ गया था। उसे देख कई लोग आ गए। दरोगा प्रताप सिंह भी खबर मिलने पर बालक के पास आ गए। तीन साल का यह बालक दरोगा को कुछ नहीं बता सका। लिहाजा, बालक को बाल कल्याण समिति की ओर से नेकपुर के आश्रय गृह में देखभाल के लिए पहुंचा दिया गया। बाल कल्याण समिति ने ही बालक के बारे में अमर उजाला को जानकारी दी। बृहस्पतिवार को अमर उजाला में मय फोटो के इस बालक की खबर को प्रकाशित किया गया।
बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि बालक के पिता अनेक पाल निवासी नरसेना थाना मुजरिया यहां पहुंचे। बालक की नानी मिथलेश पत्नी प्रभूदयाल भी साथ थीं। बालक ने पिता को पहचान लिया। वह पिता और नानी को देखकर रोने लगा। बालक को देख पिता और नानी की भी आंखें भर आईं। बालक का नाम सूरज निकला। घर वालों ने बताया कि बालक को उसकी मां कचहरी पर छोड़कर कहीं चली गईं थीं। उसके बाद से सब उसे ढूंढ रहे थे। काफी तलाश की लेकिन वह नहीं मिला। खैर, घर वालों ने उसे मिलाने के लिए अमर उजाला का आभार जताया।