डीएम ने जताई नाराजगी, दो बिजली एक्सईन का जवाब-तलब
नलकूप विभाग को साठ ट्रांसफार्मर की आवश्यकता है, लेकिन विद्युत विभाग ने अभी तक उपलब्ध नहीं कराए हैं। यह हाल तब है जबकि शासन की मंशा के अनुरूप 72 घंटे के अंदर खराब ट्रांसफार्मर बदल दिया जाना चाहिए। जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने विद्युत विभाग की इस लचर व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई और बैठक में उपस्थित न होने पर विद्युत विभाग के प्रथम और तृतीय खंड के अधिशासी अभियंताओं से जवाब-तलब करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में संभावित सूखे और बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी की समीक्षा करते हुए नलकूप विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिए कि उनके द्वारा किन-किन सूखे तालाबों में पानी भरवाया गया, लिखित विवरण उपलब्ध कराया जाए। उसी आधार पर संबंधित एसडीएम स्थलीय सत्यापन करेंगे।
जिलाधिकारी ने एसडीएम को हिदायत दी कि वह अपने क्षेत्र में सूखे तालाबों में पानी भराने और पेयजल की समस्या आदि बिंदुओं पर सोमवार तक रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी ने सूखे और बाढ़ की स्थिति में पर्याप्त चारे, पशु चिकित्सा के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने को भी कार्य योजना तैयार की जाए। सूखे एवं बाढ़ की स्थिति में संक्रामक रोगों की रोकथाम और उपचार को समुचित कार्य योजना बनाई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन स्तर पर उन्हें बताया जाता है कि ट्रांसफार्मर की कोई कमी नहीं है, जितनी मांग की जाएगी उपलब्ध होंगे, लेकिन विद्युत विभाग की उदासीनता के कारण 60 सरकारी नलकूप ट्रांसफार्मर के अभाव में चालू नहीं हैं। मौसम को देखते हुए जिले में शत-प्रतिशत राजकीय नलकूप चालू रहने चाहिए। जिस स्तर पर लापरवाही प्रकाश में आएगी कठोर कार्रवाई की जाएगी।