रुदायन नगर पंचायत में बना लाखों का एमआरएफ सेंटर।-संवाद
रुदायन। आदर्श नगर पंचायत रुदायन में 57 लाख रुपये की लागत से बनवाया गया मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का संचालन नहीं हो रहा है। पिछले चेयरमैन ने इसे आरंभ कराया था। नए चेयरमैन के पद संभालने के बाद यह लंबे समय तक विवादों में घिरा रहा। संचालन न होने से वहां पर बड़ी- बड़ी घास उग गई हैं और मशीनें धूल फांक रही हैं।
नगर के वार्ड तीन में दो वर्ष पूर्व करीब 35 लाख रुपये से एमआरएफ सेंटर का निर्माण हुआ था। उसमें 22 लाख रुपये से मशीनें आईं। पूर्व चेयरमैन अरविंद शर्मा के कार्यकाल में इसका निर्माण हुआ था। इस सेंटर पर नगर से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण होना था। उससे खाद बनती और नगर पंचायत की आय भी बढ़ती। साथ ही नगर में स्वच्छता भी रहती, लेकिन योजना के अनुसार काम नहीं हुआ और पैसे बर्बादी हुई।
नगर पंचायत के चुनाव में सुरक्षित सीट हो जाने के बाद सीमा चौधरी चेयरमैन बन गईं। बताते हैं कि मशीनें उनके कार्यकाल में रुदायन पहुंची तो नगर पंचायत की ओर से मशीनें लेने से इंकार कर दिया गया। बाद में डीएम के हस्तक्षेप पर मशीनें ले ली गईं। अब मशीनें वहां मौजूद हैं लेकिन सेंटर पर नहीं लगी हैं। अब सेंटर पर न तो कोई कर्मचारी है और न ही कचरे और कूड़े का निस्तारण होता है।
दो साल से अधिक का समय बीत गया। लाखों खर्च के बाद भी एमआरएफ सेंटर बदहाल बंद है और मशीनें जंग खा रही हैं। इसे चालू कराने के लिए पिछले दिनों बिजली कनेक्शन को एस्टीमेट बनवाया गया था। इसमें करीब आठ लाख रुपये का व्यय होना है। नगर पंचायत प्रशासन धन का अभाव बताकर बिजली कनेक्शन नहीं कराया।
वर्जन
- एमआरएफ सेंटर के संचालन के लिए बिजली कनेक्शन कराया जाना है। इसके लिए एस्टीमेट बनवाया है। बिजली लाइन दूर होने के कारण आठ लाख रुपये का एस्टीमेट बना है। इतना अधिक धन देने में नगर पंचायत असमर्थ है। इसलिए विचार किया गया है कि जेनरेटर से इसका संचालन कराया जाएगा। इसके लिए प्रयास हो रहे हैं। - अब्दुल शऊर, ईओ नगर पंचायत, रुदायन।