बदायूं। कलेक्ट्रेट में डीएम अवनीश राय ने जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्हें जानकारी दी गई कि ग्रामीण क्षेत्र में 557 ओवरहेड टैंक काम अभी भी अधूरा है। इस पर उन्होंने काम की गति धीमी होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने व गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा। निर्देश दिए कि पाइप पेयजल योजना अन्तर्गत किए जाने वाले गड्ढों को समयानुसार भरवाया जाए ताकि आवागमन में कोई परेशानी न हो।
डीएम ने अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण को नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि जिन 145 परियोजनाओं में कार्य पूर्ण हो गया है। जो परियोजनाएं दिसंबर 2025 तक पूर्ण होनी है, उनकी सूची अलग-अलग उपलब्ध कराएं। उन्होंने अधिकारियों को कार्याें का स्थलीय निरीक्षण भी करने के भी निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि ग्रामीण पाइप पेयजल योजना अंतर्गत जो भी कार्य हो रहे हैं, वह जनहित के हैं, इसमें सभी ग्रामवासियों का अपेक्षित सहयोग आवश्यक है। ग्रामों में अवरोध उत्पन्न हो रहा है तो उसको परस्पर समन्वय के साथ निस्तारित किया। डीएम ने अब तक पूर्ण की गईं 145 परियोजनाओं की ग्रामवार जानकारी ली। उन्होंने दिसंबर 2025 तक अगली 145 परियोजनाएं प्रत्येक दशा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जल निगम के अधिशासी अभियंता ग्रामीण नरेंद्र वर्मा ने बताया कि योजना के अंतर्गत जनपद में 857 ओवरहेड टैंक बनाए जाने हैं। उसके सापेक्ष 300 ओवरहेड टैंक बनाए जा चुके हैं। 1444 राजस्व ग्रामों में पाइप पेयजल योजना अंतर्गत शुद्ध व साफ जल पहुंचाए जाना है। उसमें से 785 राजस्व ग्रामों में पहुंचाया जा रहा है। 29 परियोजनाएं पूर्व से ही संचालित हैं। हर घर जल अंतर्गत 379 ग्रामों में प्रमाणीकरण का कार्य भी हो चुका है। जल जीवन मिशन की परियोजना लगभग 1860 करोड़ रुपये की है।
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गांवों में पांच-पांच महिलाएं करेंगी पानी की शुद्धता की जांच
जल निगम के एक्सईएन के अनुसार एनएबीएल से मान्यता प्राप्त लैब की स्थापना जनपद स्तर पर जल जीवन मिशन ग्रामीण के कार्यालय में की गई है। जहां पेयजल की शुद्धता की जांच की जाती है। प्रत्येक ग्राम में पांच महिलाओं को जल की शुद्धता की जांच करने के लिए प्रशिक्षित भी किया गया है। यह किट लगभग पांच महीने चलती है।