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Budaun News: गलत नाम-पते से बन गए 55 हजार आयुष्मान कार्ड

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आयुष्मान कार्ड बनाता कर्मचारी व बनवाने को खड़े पात्र। स्रोत- स्वास्थ्य विभाग
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बदायूं। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 55 हजार आयुष्मान कार्ड ऐसे बन गए जो अब पोर्टल पर नहीं दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि लोगों ने नाम और पते गलत चढ़वा दिए थे जिस कारण यह पोर्टल पर नहीं दिख रहे हैं।
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प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई। वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार जिले में 4.83 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने थे। बाद में सरकार ने उज्ज्वला योजना, अंत्योदय राशन कार्ड का लाभ ले रहे लोगों को भी योजना में शामिल कर लिया।
इसके बाद 10,96,184 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया। इनमें अब तक 7.34 लाख लोगों के कार्ड बन चुके हैं लेकिन पोर्टल पर 6.79 लाख लोगों के ही कार्ड दिख रहे हैं। पोर्टल पर 55 हजार से ज्यादा आयुष्मान कार्ड दिखाई नहीं दे रहे। इसकी वजह बताई जा रही है कि पोर्टल अभी हाल ही में अपडेट हुआ है।
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अब इसे आधार से लिंक कर दिया गया है। जिन लोगों के आधार में गड़बड़ियां थी उनका आयुष्मान कार्ड अब पोर्टल पर शो नहीं करेगा। ऐसे लोगों को दोबारा आयुष्मान कार्ड बनवाना पड़ेगा।



प्रदेश में जिला 29वें स्थान पर, लाभ के मामले में 16वीं पायदान
प्रदेश के 75 जिलों में बदायूं की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। पात्रों को आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में बदायूं प्रदेश में 43वें स्थान से अब 29वें स्थान पर पहुंच गया है। योजना के तहत अब तक जिले में 11 हजार से ज्यादा कार्ड धारकों को 3994965 रुपये का मुफ्त इलाज मिल चुका है। कार्ड धारकों के निशुल्क इलाज के मामले में जिला प्रदेश में 16वें स्थान पर है।

नाम-पता सही कराने को हेल्प डेस्क पर करें संपर्क
जिला समन्वयक नितिन वर्मा ने बताया कि जिन लोगों ने शुरुआत में आयुष्मान कार्ड बनवाए थे। उनमें काफी संख्या में आयुष्मान कार्ड और अन्य दस्तावेजों में नाम या अन्य भिन्नता की शिकायत आ रही हैं। ऐसे कार्ड धारकों की संख्या करीब 55 हजार से अधिक हैं। इन कार्ड धारकों को कार्ड होने के बाद भी लाभ नहीं मिल पा रहा। कुछ मामलों में खामियों को दूर कराया जा रहा है। जिला अस्पताल में हेल्प डेस्क भी बनाई गई है। सीएमओ कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है।


कुछ लोगों ने आधार कार्ड वाले नाम की जगह दूसरा नाम दर्ज करा दिया, किसी ने वह पता दर्ज करा दिया जो आधार में नहीं है। इन्हीं गड़बडियों के कारण 55 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड पोर्टल पर नहीं दिख रहे हैं। मामले को दिखाया जा रहा है।
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- रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
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