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वीवी पैट से बदायूं में पहली बार होगा मतदान

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वीवीपैट से बदायूं में पहली बार होगा मतदान
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ईवीएम को और भरोसेमंद बनाने के लिए लगाई जाएंगी मशीनें
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। चुनाव आयोग के निर्देश के बाद सन 2019 का चुनाव वीवीपैट मशीनों से होगा। इसको लेकर जिला प्रशासन की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए बूूूथों को भी अलग लुक देने की तैयारी है। ताकि ईवीएम के साथ वीवीपैट मशीन को भी कक्ष में रखा जा सके। इसके लिए विभाग की ओर से 3517 मशीनों के लिए डिमांड भेजी गई है। अधिकारियों का दावा है कि अगस्त की शुरुआत में मशीनें आ जाएंगी।
2014 का पूरा चुनाव ईवीएम से हुआ था। इसके बाद राजनीतिक पार्टियों में ईवीएम मशीनों को लेकर बहस शुरू हो गई और यह विवाद बन गया। इसको लेकर राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद जहां चुनाव हुए वहां चुनाव आयोग के निर्देश पर वीवीपैट का इस्तेमाल भी किया गया। इसके बाद चुुनाव आयोग ने 2019 के चुनाव में भी वीवीपैट का भी उपयोग करने के निर्देश दिए। वीवीपैट मशीनें रखने लिए जिला प्रशासन की ओर से कलक्ट्रेट में एक बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है।
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इस संबंध में निर्वाचन कार्यालय की ओर से जिले के लिए 4754 बैलट यूनिट, 3517 बजर यूनिट और 3517 वीवीपैट का आर्डर दिया गया है। उम्मीद है अगस्त के पहले हफ्ते में यह मशीनें बदायूं पहुंच जाएंगी। चुनाव के समय कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए अभी से तैयारियां चल रही हैं। बूथों का निर्माण भी वीवीपैट के हिसाब से किया जा रहा है।
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1400 वोट की होती है क्षमता
एक वीवीपैट मशीन में 1400 वोट की क्षमता होती है। इसलिए जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से बूथों के समयोजन का काम चल रहा है। इसके तहत हर बूथ पर 1250 से 1300 तक मतदाताओं को रखा जा रहा है। 13 सौ से अधिक जिस बूथ पर मतदाता है उन्हें दूसरे बूथों पर ट्रांसफर किया जा रहा। -----------
बढ़ सकते हैं 250 बूथ
जिले में अब तक 2427 बूथ हैं। कई बूथों पर मतदाताओं की संख्या 14 सौ से भी अधिक है। उनको दूसरे बूथों पर समायोजित किया जा रहा है। अगर ऐसे में काम नहीं चल पा रहा है। तो उनके लिए अलग से बूथ बनाने की तैयारी चल रही है। ऐसे में करीब 250 बूथ और बढ़ सकते हैं।
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क्या है वीवीपैट
वीवीपैट यानी वोटर वैरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल एक प्रिंटर मशीन है। जो ईवीएम की बैलेट यूनिट से जुड़ी होती है। ये मशीन बैलेट यूनिट के साथ उस कक्ष में रखी जाती है। जहां मतदाता गुप्त मतदान करता है। वोटिंग के समय वीवीपैट से एक परची निकलती है जिसमें उस पार्टी और उम्मीदवार की जानकारी होती है, जिसे मतदाता ने वोट डाला। वोटिंग के लिए ईवीएम का बटन दबाने के साथ वीवीपैट पर एक पारदर्शी खिड़की के जरिये मतदाता को पता चल जाता है कि उसका वोट संबंधित उम्मीदवार को चला गया है।
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क्यों जरूरी है वीवीपैट
वीवीपैट से न केवल मतदाता को अपने वोट के सही उम्मीदवार को जाने का पता लग जाता है बल्कि मतगणना के वक्त अगर कोई विवाद हो तो वीवीपैट बॉक्स की पर्चियां गिनकर ईवीएम के नतीजों से मिलान किया जा सकता है।
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वर्जन---
वीवीपैट से इस बार चुनाव कराए जाएंगे। शासन की ओर से मशीनें आएंगी। इसके लिए प्रशासन की तैयारियां चल रही है। -महेंद्र सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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