कार्तिक पूर्णिमा के मद्देनजर सुरक्षा की दृष्टि से नरौरा बैराज ने गंगा में 5000 क्यूसेक वाटर का डिस्चार्ज रोक दिया है। गंगा के जलस्तर में इससे काफी गिरावट आई है। इस समय गंगा में करीब 1800 क्यूसेक जल बह रहा है। वाटर डिस्चार्ज कम होने के साथ ही मिनी कुंभ मेला ककोड़ा में स्नान घाटों के काम में तेजी आई है।
कार्तिक पूर्णिमा 14 नवंबर की है। इस दिन मिनी कुंभ मेला ककोड़ा के साथ जिले में गंगा घाटों पर भक्तों का सैलाब उमड़ेगा। मेला ककोड़ा में गंगा तट पर लाखों श्रद्धालु 21 नवंबर तक कल्पवास करेंगे। गंगा में नरौरा बैराज से 6800 क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज चल रहा था। इससे गंगा का जल स्तर बढ़ा हुआ था। कार्तिक पूर्णिमा से पहले मेला ककोड़ा में गंगा घाटों का काम भी लटका हुआ था। जलस्तर ज्यादा होने से हादसों का खतरा भी बना हुआ था। ऐसे में प्रशासन के कहने पर नरौरा बैराज से 5000 क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज कम किया गया है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अरविंद वर्मा ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। अब गंगा में 1800 क्यूसेक जल बह रहा है।
ककोड़ा में एटा के तीन युवक गंगा में डूबे
मेला ककोड़ा। नरौरा बैराज से वाटर डिस्चार्ज को कम किए जाने के बाद गंगा का जल स्तर काफी गिर गया है। इसके बावजूद जगह-जगह गड्डे होने की वजह से लोगों के गंगा में डूबने की घटनाएं हो रही हैं। शुक्रवार को एटा के तीन युवक गंगा में डूब गए। इनमें से दो तो खुद ही बच निकले, एक को गोताखोरों ने किसी तरह से बचाया।
गंगा तट पर कल्पवास करने के लिए एटा, कासगंज, बदायूं, बरेली, पीलीभीत समेत कई जिलों के श्रद्धालु पहुंचते हैं। एटा शहर के मोहल्ला हिंदू का एक परिवार के तीन लोग शुक्रवार दोपहर गंगा में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान गहराई में जाने से यह डूबने लगे। दो युवक को खुद ही बच निकले। मोहन पुत्र विशारद नहीं निकल गया। वह गहराई में चला गया। हेड मल्लाह मुशाकिर के बेटे गोताखोर साबिर ने मोहन को किसी तरह से बचाया।
मिनी कुंभ पहुंचीं चार फायर ब्रिगेड
मेला ककोड़ा। मिनी कुंभ में आग से बचने के भी पूरे इंतजाम किए गए हैं। अग्निश्मन विभाग ने मेला ककोड़ा में चार फायर ब्रिगेड मशीन लगाई हैं। मेला समाप्ति तक स्टाफ की इन मशीनों के साथ यहां तैनाती रहेगी। अग्निश्मन अधिकारी आरके वाजपेयी ने बताया कि आवश्यकता के अनुसार जरूरत पड़ने पर और स्टाफ की भी तैनाती की जाएगी।