बदायूं। मामूली कहासुनी के बाद गैर इरादतन हत्या के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने तीन सगे भाइयों को दस-दस साल की सजा सुनाई है, साथ ही तीनों पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा होने पर आधी रकम मृतक के पुत्र को देने का आदेश दिया है। दूसरे मामले में एक व्यक्ति को दस साल की कैद सहित 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
थाना जरीफनगर क्षेत्र के गांव बस्तोई सीकरी में 12 दिसंबर 2012 को गांव निवासी छंगे के शीशम के छोटे पेड़ों को किसी ने तोड़ दिया, जिस पर छंगे गालीगलौज करने लगा। इससे नाराज होकर गांव के ही छोटे, मानिक और रामस्वरूप पुत्रगण सौदान ने उसे लाठी डंडों से मारा पीटा। इलाज को अलीगढ़ ले जाते समय छंगे की मौत हो गई। 13 दिसंबर को मृतक के भतीजे ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी अनिल कुमार सिंह और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद तीनों भाइयों को दस-दस साल की सजा सुनाई। तीनों पर एक लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
दूसरा मामला थाना व क़स्बा धनारी के मोहल्ला बालूशंकर पट्टी का है। कस्बा निवासी रामकुमार पुत्र शिब्बू की जुगाड़ वाहन में बैठे कस्बे की ही ओमप्रकाश से 16 मई 2010 को कहासुनी हो गई। ओमप्रकाश ने रामकुमार को जुगाड़ वाहन से गिराकर लात-घूंसों से मारा पीटा। जिससे रामकुमार की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतक के भाई ने ओमप्रकाश को कोर्ट से तलब कर आरोपी बनाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने ओमप्रकाश को मुजरिम करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई, साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।