राजकीय इंटर कॉलेज में चल रहे मूल्यांकन के दौरान इंटर हिंदी विषय में एक रोल नंबर की दो उत्तर पुस्तिकाएं निकलने का मामला प्रकाश में आया। संबंधित परीक्षक ने तुरंत ही केंद्र उपनियंत्रक, प्रधानाचार्य को जानकारी दी। प्रधानाचार्य ने उत्तर पुस्तिकाओं को अलग निकाल लिया। डीआईओएस मुन्ने अली को भी पूरे मामले से अवगत कराया। प्रधानाचार्य के मुताबिक इस उत्तर पुस्तिका को संबंधित क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव को भेजा जा रहा है। इधर, तीनों केंद्रों पर आज तीसरे दिन भी परीक्षकों की काफी कमी रही। लिहाजा, मूल्यांकन कार्य गति नहीं पकड़ पाया।
राजकीय इंटर कॉलेज में इंटर तथा श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज और इस्लामियां इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन केंद्र है। 17 मार्च से मूल्यांकन कार्य चल रहा है मगर अब भी तीनों केंद्रों पर परीक्षकों की बेहद कमी चल रही है। सोमवार को भी तीनों केंद्रों पर लगभग काफी संख्या में परीक्षक कम थे। हालांकि विभागीय अधिकारियों के निर्देशानुसार नए परीक्षक बनाकर कार्य को निर्धारित समय पर पूरा करने का प्रयास चल रहा है।
तीसरे दिन राजकीय इंटर कॉलेज केंद्र पर निर्धारित समय से मूल्यांकन शुरू हुआ। परीक्षक प्रताप सिंह के सामने एक ही रोल नंबर की दो उत्तर पुस्तिकाएं सामने आईं तो वह चौक गए। हिंदी प्रथम पेपर की दो उत्तर पुस्तिकाएं होने पर तुरंत ही उन्होंने उपनियंत्रक और प्रधानाचार्य रनवीर सिंह को अवगत कराया। प्रधानाचार्य ने दोनों उत्तर पुस्तिकाओं को देखने के बाद उसकी जानकारी डीआईओएस मुन्ने अली को दी।
जिस छात्र के एक ही रोल नंबर की दो उत्तर पुस्तिकाएं निकलीं हैं। उसे अलग रखा गया है। यह जांच का विषय है। इसलिए उस उत्तर पुस्तिका को जांच के लिए संबंधित क्षेत्र के सचिव को भेजा जा रहा है। दोनों ही उत्तर पुस्तिकाएं ‘अ’ हैं। -रनवीर सिंह, प्रधानाचार्य और उपनियंत्रक राजकीय इंटर कालेज
एक ही रोल नंबर की जो दो उत्तर पुस्तिकाएं जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर निकलीं हैं। उसे संबंधित क्षेत्रीय सचिव को भेजा जाएगा। वहीं उस पर निर्णय लेंगे। वहीं से तय होगा कि किस स्तर पर यह हुआ है। -मुन्ने अली, डीआईओएस