डीएसओ कार्यालय से ब्लाक कार्यालयों में भेजे जाएंगे राशनकार्ड
पुराने राशनकार्ड निरस्त होने के बाद बनवाए नए राशनकार्डों के अभाव में गांवों में अक्सर राशन और केरोसिन न दिए जाने की शिकायत हो रहीं थीं। अब इन शिकायतों में काफी कमी होने की उम्मीद है, क्योंकि जिले में करीब 40 फीसदी लोगों के राशनकार्ड आ चुके हैं, जिनकी छंटाई करके ब्लाकों के जरिए गांवों में भेजकर वितरण कराया जाएगा। इससे कोटेदार राशनकार्डों को मना नहीं किया जाएगा।
जिले में एपीएल, बीपीएल और अंत्योदय मिलाकर छह लाख 55 हजार 14 लोगों के राशनकार्ड थे। इसके बाद में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा परिषद अधिनियम लागू हो गया था। इसमें 64 फीसदी राशनकार्डों को खाद्य सुरक्षा परिषद कानून के राशनकार्ड बनाए जाने थे, जिसके अंतर्गत जिले में अब तक तीन लाख 88 हजार 771 राशनकार्ड धारक चयनित किए जा चुके थे। इसमें से 40 फीसदी कार्डधारकों का डेटा ऑनलाइन किया जा चुका है। इन लोगों के राशनकार्ड विभाग की ओर से प्रिंट होकर आ चुके हैं, जिनका वितरण राशनकार्डों केा किया जाना है। इसकी तैयारी में विभाग लगा हुआ है। इस बारे में जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह का कहना है विभाग से जो राशनकार्ड प्रिंट होकर आए हैं, उन्हें ब्लाक और ग्राम पंचायतवार छांटा जा रहा है। इसके बाद कैंप लगाकर वितरण किया जाएगा। इसमें कुछ वक्त लगेगा।