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रामगंगा हुईं शांत, गंगा ने फिर होने लगीं विकराल

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रामगंगा हुईं शांत, गंगा
फिर होने लगीं विकराल
कई गांवों में सैकड़ों बीघा फसल हुई जलमग्न
बस्ती की ओर बढ़ रहा पानी, रामगंगा का जलस्तर कम होने के बाद हो रहा कटान
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। रामगंगा शुक्रवार को शांत हो गई, लेकिन उसहैत क्षेत्र में गंगा अपना असर दिखाने लगी है। इस क्षेत्र के कुछ गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं। साथ ही पानी बस्ती की ओर से बढ़ने लगा है। लोग चिंतित हैं। बाढ़ खंड विभाग भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। दातागंज इलाके में जलस्तर के कम होने से कटान हो रहा है। गढ़िया रंगीन रोड करीब 200 मीटर जर्जर हो चुका है। रामगंगा में जलस्तर लगातार घट रहा है। लेकिन इस इलाके में किसानों की बाजार की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। दातागंज। रामगंगा में कई दिनों तक उफान रहने के बाद शुक्रवार को जलस्तर घटने लगा है। लेकिन हजरतपुर, चकवा समेत कुछ गांव में कटान शुरू हो गया। खेतों में कीचड़ हो जाने से धान की फसल सड़ने लगी है। वहीं बाजरा की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। गढ़िया रंगीन की सड़क करीब 200 मीटर पानी के कारण ध्वस्त हो चुकी है। कई दिनों से रामगंगा में पानी काफी पर उफान चल रहा था। क्षेत्र की नगरिया खनू बाढ़ चौकी से जुड़े दो दर्जन से अधिक रामगंगा के पार के गांव में पानी घुस गया था। हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई थी और उन गांवों का संपर्क दातागंज से पूरी तरह से कट गया। प्रशासन के सामने यह गंभीर समस्या आ गई थी कि वह किसी तरह गंगा पार बसे गांवों का हाल चाल जाने। हजरतपुर, गढ़िया रंगीन के रोड पर भी काफी पानी भर गया था। शुक्रवार को राहत की खबर यह रही कि रामगंगा जलस्तर घटकर 160.280 गेज हो गया है। जलस्तर के घटने से जहां लोगों की चिंता कम हुई। वहीं कुडरा मझरा, नगरिया खनू, चकवा और हजरतपुर इलाके में कटान शुरू हो गया है। कई दिनों तक जलमग्न रही। धान की फसल सड़ने लगी है। कई किसानों ने बताया कि अब तक तो धान की फसल की बर्बादी को लेकर चिंतित थे, लेकिन अब कुछ दिन पहले खेतों में बोई गई बाजरा की फसल भी पूरी तरह चौपट हो गई है। वह पूरी तरह पानी में गायब हो गई। इससे किसानों की धान और बाजारा की फसल चौपट हो जाने से जानवरों को चारा मिलने की, गंभीर समस्या भी उत्पंन हो जाएगी।
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उसहैत। क्षेत्र में बह रही गंगा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। जिसकी वजह से गंगा पार के गांव जटा और गंगा के इस ओर के गांव अहमद नगर बछौरा के निकट गंगा उफान पर आ गई है। अब अगर पानी और बढ़ता है, तो गंगा पार के रैपुरा, कदम नगला, दलनगला, प्रेमी नगला, ठकुरी नगला और गंगा के इस तरफ के गांव भकरी बेहटी, असमया, रफतपुर के गांवों के अंदर पानी पहुंच सकता है। गांव देवकली पुख्ता, कोन का नगला, चेतराम नगला, टिकाई पुख्ता के खेतों में पानी पहुंच गया है। जलस्तर के बढ़ने से इन गांवों के लोग बेहद डरे ओर सहमे हैं और इस समय गंगा के बढ़ रहे पानी पर नजर बनाए हुए हैं। उन लोगों ने घरेलू सामान ओर जानवरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। जलस्तर के बढ़ने पर बाढ़ खंड भी सक्रिय हो गया है। सहायक अभियंता जयंती प्रसाद सुमन, जेई राधे श्याम के साथ जटा गांव का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। एई ने बताया कि पानी बड़ा है लेकिन अभी गांव जटा को कोई खतरा नहीं है। हालांकि कटान बंद है, फिर भी किसी भी स्थिति से निपटने को बाढ़ खंड विभाग तैयार है।
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