वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग मार्च में हो जाएगी। इस वित्तीय वर्ष मेें आरईएस को 31 समग्र गांवों में सड़कों का निर्माण कराना था। दिसंबर में केवल दो गांवों में सड़क निर्माण को ही धन मिला। उसके बाद फरवरी में बाकी गांवों को धन मिला है। इसके चलते न तो उन दो गांवों में सीसी रोड बन सका और न ही फरवरी में मिले धन से इस वित्तीय वर्ष के शेष गांवों में सीसी रोड पूरी हो सकेंगी।
गांवों के विकास में ऐसा पहली बार नहीं है। हर वर्ष यही स्थिति पैदा होती है। पिछले साल के समग्र गांवों में भी अभी काम पूरा नहीं है। अभी तक सीसी रोड बनाए जा रहे हैं। गुणवत्ता को लेकर भी उंगलियां उठ रही हैं। सीडीओ ने सालारपुर के दो समग्र गांवों का निरीक्षण किया था। उस समय उन्होंने गुणवत्ता को लेकर आक्रोश जताया था और आरईएस को सुधार लाने की हिदायत दी थी।
शुरू में केवल तेहरा ओर राजटिकौली को मिला धन
इस वर्ष के 31 चयनित समग्र गांवों में से उझानी के तेहरा और आसफपुर के राजटिकौली समग्र गांवों को ही दिसंबर में धन मिल गया था, लेकिन इन गांवाें के सीसी रोड और नाली के कार्य अभी पूरे नहीं हुए हैं। 29 समग्र गांवों को फरवरी में 770 लाख का बजट मिला है। जो प्रस्ताव के समय ही स्वीकृत हो चुका था। इससे निर्माण कार्य इस वित्तीय वर्ष में पूरे हो पाना मुश्किल होंगे।
11 गांवों को 30-30 लाख रुपये मिले
समग्र गांवों के सीसी रोड और ड्रेन निर्माण बजट में 31 में से 11 गांवों को 30-30 लाख रुपये मिले हैं। बाकी गांवों को 20-20 लाख रुपये ही मिले। इसमें बताया गया कि जिन गांवों की आबादी पांच हजार से अधिक है उन गांवों को अधिक राशि प्रदान की गई है।
समग्र गांवों में धनराशि आ जाने के बाद ही काम शुरू हो सकता है। अभी फरवरी में ही धनराशि मिली है। बाकी जिन दो गांवों को राशि मिल चुकी है, उनमें सीसी रोड के काम लगभग पूरे होने जा रहे हैं। - रूपेश कुमार वर्मा, एक्सईएन आरईएस