बिसौली। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगर पालिका क्षेत्र में कुल 1483 ऑनलाइन आवेदन की जांच की गई है। इसमें से अब तक 760 लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। शेष आवेदनों की पात्रता जांच प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अपनी छत देने के लिए सरकार की ओर से पीएम आवास योजना के तहत ढाई लाख रुपये दिया जा रहा है। इसके तहत नगर पालिका क्षेत्र के 1483 लोगों ने आवेदन किया था। इन सभी की जांच पालिका के कर्मचारियों ने की। अब तक की जांच में 455 आवेदकों को पात्र पाया गया हैं, जबकि 305 आवेदनों को अपात्र घोषित कर दिया गया है। 723 आवेदनों की जांच लंबित है, जिसे शीघ्र पूरा किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि पात्रता जांच में आवेदकों के स्वामित्व दस्तावेज, आर्थिक स्थिति, पहले से उपलब्ध आवास और पूर्ववर्ती सरकारी योजनाओं से लाभ की स्थिति की सघन पड़ताल की जा रही है।
ईओ रवि यादव ने बताया पालिका ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा। जिनके पास न तो स्वयं का पक्का मकान है और न ही किसी पूर्व सरकारी आवास योजना से लाभ मिला हो।
केस एक
वार्ड 25 के रहने वाले वैभव गुप्ता ने पीएम आवास योजना के तहत मकान के लिए आवेदन किया था। पालिका की जांच में यह अपात्र पाए गए हैं। अब यह दोबारा आवेदन नहीं कर सकते।
केस दो
कांशीराम कॉलोनी निवासी रंजीत ने पीएम आवास योजना के तहत आवेदन किया था। जांच में पता चला कि रंजीत पहले ही योजना का लाभ ले चुके हैं। इस वजह से उन्हें अपात्र कर दिया गया।
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केस तीन
बिसौली के जयप्रकाश ने योजना के तहत आवेदन किया तो कर्मचारियों ने जांच की तो पाया कि पक्का मकान होने पर भी आवेदन देने किया। इस पर उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया।
केस चार
कांशीराम कॉलोनी निवासी अलका ने योजना के तहत आवेदन किया था। कर्मचारियों ने जांच में पाया कि सरकार की ओर से 100 गज का प्लाट आंवटित किया गया है।
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